
इसे शिवपुरी कहते हैं, जहाँ लोहे के पाइप भी लीक हो जाते हैं, गर्मी की दस्तक के बीच गहराया जल संकट
पाइप तोड़ने वाले चला रहे देश, तो रिपेयरिंग का काम कौन करवा सकता है जल्दी, फिर आया कट्टी का दौर
शिवपुरी। मध्यप्रदेश का शिवपुरी वो जिला है, जहाँ जनहित की योजनाओं में सभी प्रयोग किए जाते हैं। पहले प्लास्टिक की पाइप लाइन के लीकेज से पानी की सप्लाई रुकती थी, और अब लोहे के पाइप में भी छेद करने से परहेज नहीं किया। पाइप में छेद करने वाले कर्मचारी जियो कंपनी के हैं, जिनके मालिक देश चला रहे हैं, तो फिर उनसे जल्दी रिपेयरिंग का काम कौन करवा लेगा। यही वजह है कि शहर की पौने तीन लाख की आबादी गर्मी की दस्तक के बीच पानी के लिए परेशान हो रही है।
गौरतलब है कि अब सर्दी की विदाई और गर्मी की आहट शुरू हो गई है। ऐसे में जबकि पानी की खपत बढ़ गई, इस बीच 5 दिन से शहर में सिंध जलावर्धन की सप्लाई बंद पड़ी है। 2 साल में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट 15 साल बाद भी इस हाल में है कि प्लास्टिक पाइप बदलंकर लोहे के पाइप लगाने के बाद भी लीकेज से राहत नहीं मिल पाई। मड़ीखेड़ा डैम के पास जियो कंपनी की अंडरग्राउंड केवल डालने वाली टीम ने खुदाई के दौरान लोहे के मजबूत पाइप में ही छेद कर दिया।
पाइप लाइन लीक हो जाने से शहर की जनता को मिलने वाला पानी वहीं जंगल में फैलकर बर्बाद होता रहा। लाइन लीकेज की सूचना मिलने पर नपाध्यक्ष से लेकर अन्य जिम्मेदार भी मौके पर पहुंचे, लेकिन जब पता चला कि काम तो अंबानी की कंपनी कर रही है, तो उन्हें रिपेयरिंग करने की बात कहकर वापस आ गए। उधर पाइप लीकेज की वजह से शहर में पानी का संकट गहरा गया, और प्राइवेट टैंकर एवं कट्टी ढोने का दौर फिर शुरू हो गया। चूंकि पाइप तोड़ने वालों पर प्रशासन का डंडा नहीं चल पाया, लेकिन स्थानीय मीडिया ने भी जब इस मामले को संज्ञान में लिया, तो फिर रिपेयरिंग टीम हरकत में आई। बताते हैं कि रिपेयरिंग का काम हो गया है, और अब जल्द ही शहर में पानी की सप्लाई आ जाएगी। हालांकि जिम्मेदारों के आश्वासन ओर भरोसा तभी होगा, जब पानी घरों में आ जाएगा।
सिद्धेश्वर कॉलोनी वाले अधिक परेशान
शहर के प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर के सामने स्थित कॉलोनी में मड़ीखेड़ा की सप्लाई 3 दिन में एक बार आती है, जबकि वहां मौजूद कुएं से सप्लाई को दूषित पानी होने की वजह से रोक दिया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि कुएं में जा रही कच्चे शौचालय और सीवर चैंबरों की गंदगी को न रोकते हुए पानी की सप्लाई ठप कर दी। जिसके चलते इस कॉलोनी के हर घर में प्राइवेट टैंकरों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही है।







