
ग्वालियर आईजी सक्सेना ने शिवपुरी में देखीं पुलिस की कार्यप्रणाली, अधीनस्थों से पूछी समस्याएं
पुलिस परेड ग्राउंड पर देखी बलवा परेड, पुलिस वाहनों को देखा, माइक सिस्टम होता रहा गड़बड़
शिवपुरी। ग्वालियर पुलिस आईजी अरविंद सक्सेना ने गुरुवार को शिवपुरी आकर अपने विभाग की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित आईजी इंस्पेक्शन में जहां बलबा परेड के अलावा पुलिस वाहनों को देखा, तो वहीं पुलिस दरबार लगाकर अधीनस्थ अमले की समस्याएं भी सुनीं। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़, आईपीएस आयुष जाखड़, एडिशनल एसपी संजीव मुले सहित जिले भर के एसडीओपी व टीआई मौजूद रहे।
पुलिस ग्राउंड में हुई परेड का निरीक्षण करने के बाद बल्बा परेड और वाहनों की फिटनेस को भी आईजी सक्सेना ने देखा। इसके बाद आईजी जब पुलिस स्टाफ की समस्याएं सुनने के लिए टेंट में पहुंचे। पहले एसपी अमन सिंह राठौड़ ने आईजी अरविंद सक्सेना के बारे में बताया कि उनका एक लम्बा कार्यकाल होने की वजह से उन्हें अनुभव भी बहुत है। वर्ष 2011 में राष्ट्रपति वीरता पदक भी आईजी सक्सेना को मिला है।
आईजी सक्सेना ने वहां लगे पुलिस दरबार के बैनर को देखकर कहा कि इसमें दरबार की जगह सम्मेलन लिखना चाहिए। क्योंकि दरबार में तो वरिष्ठ बोलता है, और बाकी सुनते हैं, जबकि यहां हम बातचीत के लिए इकठ्ठा हुए हैं। 18वीं बटालियन के आरक्षक चालक ने अपने घर में हुई चोरी का महीनों बाद भी कुछ पता नचलने कि बात कही। जिस पर एसपी राठौड़ ने बताया कि इन्वेस्टीगेशन जारी है। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए, जिस पर आईजी ने उनके आईक्यू की तारीफ भी की।
पुलिस दरबार में जो माइक सिस्टम लगा था, वो कमजोर क्वालिटी का होने की वजह से आरआई भी परेशान से घूमते रहे, तथा बार बार माइक बदलने का क्रम भी जारी रहा। ज्ञात रहे कि आईजी अरविंद सक्सेना का जुलाई में रिटायरमेंट है, इसलिए यह उनका आखिरी निरीक्षण ही माना जा रहा है।








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