
फिल्मों में भी सामाजिक खींचतान, यादव जी की लव स्टोरी फिल्म के खिलाफ यादव समाज ने सौंपा ज्ञापन
शिवपुरी। पुरानी फिल्मों में कोई न कोई सामाजिक संदेश छुपा रहता था, जो उस फिम के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाता था। अब स्थिति बिल्कुल उलट हो गई है, और फिल्मोंके नाम भी कुछ इस तरह से रखे जा रहे हैं, जिससे समाज के।लोग आहत हो रहे हैं। आगामी 27 फरवरी से रिलीज हो रही यादव जी की लव स्टोरी, फिल्म के खिलाफ यादव समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट एवं एसपी ऑफिस पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा
ज्ञात रहे कि पिछले दिनों घूसखोर पंडित नाम से बनी फिल्म का भी विरोध किया गया था, और आज यादव जी की लव स्टोरी फिल्म के रिलीज होने से पहले ही यादव समाज के लोगों ने ज्ञापन दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि फिल्मी दुनिया में इस तरह के नाम कभी भी फिल्मों के नहीं रखे गए, जो किसी एक वर्ग विशेष की ओर इशारा करती हो। वहीं यह भी कटु सत्य है कि जो फिल्म विवादित हो जाती है, उसे देखने लोग जरूर जाते हैं। इससे तो यही लगता है कि अपनी फिल्म के अधिक से अधिक दर्शक जोड़ने के लिए इस तरह के ऊटपटांग नाम वाली फिल्मों को बनाया जा रहा है।
शिवपुरी में फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के विरोध में उतरा यादव समाज, एसपी को सौंपा ज्ञापन
शिवपुरी जिले के यादव समाज ने आगामी फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाज का आरोप है कि इस फिल्म के माध्यम से यादव समाज की छवि को धूमिल करने और भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी विरोध के चलते समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार दोपहर 1 बजे को पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्ट्रेट पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे यादव समाज के अध्यक्ष नरहरि प्रसाद यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म का ट्रेलर देखा है, जिसमें समाज को बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने कहा, “यादव समाज हमेशा से राष्ट्र की सेवा में समर्पित रहा है। फिल्म के निर्माता और मुख्य कलाकार यादव समाज से नहीं हैं, फिर भी ‘यादव’ नाम का इस्तेमाल कर समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है।”
समाज के सदस्यों का कहना है कि यह फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। ज्ञापन में मांग की गई है कि शासन और प्रशासन इस फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाए। नरहरि प्रसाद यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाती है, तो यादव समाज इसका कड़ा विरोध करेगा और उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा।






