
दुनिया छोड़ गए एडवोकेट संजय: वकील बोले टीआई मुर्दाबाद, अगले दिन करेरा में लगे जिंदाबाद के नारे
बड़ा सवाल: हत्या से पहले पुलिस को पता था कि वकील की हत्या कौन करवाएगा, तो फिर बचा क्यों नहीं पाए एडवोकेट संजय को?
शिवपुरी। एक वकील को धमकी दी गई, जिसकी शिकायत उसने पुलिस से की, पुलिस ने कार्यवाही नहीं की, और धमकी देने वाले ने वकील की हत्या करवा दी। हत्या के बाद से ही मृतक वकील के परिजनों ने हत्या करवाने वाले का नाम बता दिया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चूंकि धमकी की शिकायत के बाद भी वक़ील की हत्या हो गई, तो न केवल शिवपुरी बल्कि पूरे प्रदेश के वकीलों ने विरोध प्रदर्शन कर करेरा टीआई मुर्दाबाद के नारे लगाएं। आश्चर्य तो तब हुआ, जब अगले ही दिन करेरा टीआई को फूल मालाओं से लादकर जिंदाबार के नारे करेरा में लगाए गए। जिंदाबाद के इन नारों का मृतक वक़ील के परिवार सहित उन लोगों पर क्या असर हुआ होगा, जो झगड़े की शिकायत करने के बाद यह विश्वास करते हैं कि पुलिस उन्हें सुरक्षा देगी।
गौरतलब है कि बीते शनिवार की सुबह करेरा के सीनियर एडवोकेट संजय सक्सेना की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वो अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। हत्या के तत्काल बाद ही मृतक वक़ील के भाई अनिल सक्सेना ने SD न्यूज से बातचीत के दौरान बता दिया था कि मेरे भाई की हत्या कमलेश शर्मा और सुनील शर्मा ने 9 लाख की सुपारी देकर करवाई है। अनिल ने यह बात इसलिए बताई थी, क्योंकि कमलेश ने उनके वकील भाई को धमकी दी थी। इतना ही नहीं, मरने से पहले खुद संजय सक्सेना ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार तथा धमकी देने वालों पर कार्यवाही की माँग की थी। बावजूद इसके हत्यारों ने छाती में गोली मारकर उनकी जान ले ली।
चूंकि मृतक के परिजनों की तरह पुलिस को भी पता था कि वक़ील को मौत के घाट किसने उतरवाया है, इसलिए उन्हें दबोचते ही भाड़े के हत्यारे भी चंद घंटों में पकड़ लिए गए। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की बड़ी नाकामी यह रही कि एडवोकेट गुहार लगाता रहा कि मेरी हत्या करवा।देंगे, फिर भी उसकी सुनवाई नहीं हुई, और आखिर वक़ील की जान चली गई।
सोमवार को शिवपुरी जिला मुख्यालय पर करेरा टीआई विनोद छावाई मुर्दाबाद के नारे लगाने के साथ ही उनको राजनीतिक संरक्षण होने तथा जमीनों का कारोबारी भी निरूपित किया गया। करेरा में भी वकीलों ने ज्ञापन देकर यह आशंका जताई थी कि अभी दो-चार वकीलों को मारने की धमकी दी जा रही है। इस हत्याकांड के विरोध में पूरे मध्यप्रदेश के वकीलों ने काम बंद हड़ताल कर टीआई करेरा को हटाने तथा उनकी विभागीय जांच की मांग की थी।
इसी घटनाक्रम का एक और नजारा मंगलवार को उस समय सामने आया, जब करेरा के कुछ लोगों ने टीआई को फूल मालाओं से लादकर उनके जिंदाबाद के नारे लगाए। टीआई का सम्मान करने वालों का कहना था कि हत्यारोपियों को पुलिस ने 18 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। अरे भाई, जब पुलिस को पता ही था कि यह वारदात किसने करवाई है, तो फिर उन्हें ढूंढना कौन सा मुश्किल था..?। इस पूरे घटनाक्रम में वकील साहब दुनिया छोड़ गए, परिवार सदमे में है, अन्य वकील चिंतित हैं, और राजनीति की तरह जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं। खाकी वर्दी सुरक्षा के लिए दी गई है या राजनीति करने के लिए..?






