
देव उठान के साथ सरकार को उठाने के लिए पार्षदों ने मांगी नुक्कड़ नाटक की परमीशन
एसडीएम ने कोतवाली टीआई कोतवाली द्वारा गिनाए कारणों को बताकर नहीं दी अनुमति
शिवपुरी। देवों को उठाने के लिए 1 नवम्बर को देव उठान का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन शिवपुरी शहर के हृदय स्थल माधव चौक पर सरकार को नींद से उठाने के लिए पार्षदों ने शिवपुरी एसडीएम से जब अनुमति मांगी, लेकिन एसडीएम ने यह कहते हुए अनुमति नहीं दी, क्योंकि कोतवाली टीआई इसमें सहमत नहीं हैं।
ज्ञात रहे कि नपाध्यक्ष शिवपुरी गायत्री शर्मा को हटाने के लिए पार्षदों की मुहिम जारी है। इनमें भाजपा पार्षद भी शामिल हैं, तथा जब उन्हें प्रभारी मंत्री से लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष ने झूठे आश्वासन देकर अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन वापस करवा लिया, और उसके बाद नेताओं ने अपना पल्ला झाड़ लिया, तो पार्षदों ने देवताओं के साथ मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार को नींद से उठाने के लिए 1 नवम्बर को शिवपुरी शहर के हृदय स्थल माधव चौक पर नुक्कड़ नाटक करने का प्लान बनाया था। इसके लिए भाजपा पार्षद विजय बिंदास ने एसडीएम शिवपुरी को अनुमति के लिए आवेदन दिया था।
एसडीएम शिवपुरी ने यह कहते हुए परमीशन नहीं दी कि कोतवाली टीआई ने इस दिन खाटू श्याम की यात्रा और देव उठान की वजह से कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते अपना अभिमत नहीं दिया है। यानि कोतवाली पुलिस का मानना है कि पार्षदों द्वारा किए जाने वाले नुक्कड़ नाटक की वजह से शहर में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए परमीशन देना उचित नहीं है।
यह तो सर्वविदित है कि कानून व्यवस्था तो एक बहाना है, जबकि सच्चाई यह है कि केंद्रीय मंत्री के संरक्षण में नपाध्यक्ष हैं, और पुलिस एवं प्रशासन मंत्री के हाथों की कठपुतली हैं। केंद्रीय मंत्री नहीं चाहते कि अब नपाध्यक्ष के खिलाफ कोई प्रदर्शन हो, इसलिए उनके इशारे पर पार्षदों को नुक्कड़ नाटक करने की अनुमति नहीं दी गई। उधर भाजपा पार्षद विजय का कहना है कि शासन-प्रशासन चाहे जितने भी प्रतिबंध लगा ले, लेकिन नपाध्यक्ष के खिला विरोध जारी रहेगा।

एसडीएम शिवपुरी द्वारा नुक्कड़ नाटक की अनुमति निरस्त का पत्र







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