
कलेक्टर के आदेश की अवहेलना पर उतारू नपा सीएमओ, पीआईसी की बैठक में वकीलों का बिंदु लटकाया
चर्चा: भू माफियाओं को लाभ देने व नपा को हरवाने के लिए रोक रहे वकील, गुरुद्वारा नाले के पास 40 करोड़ की जमीन का केस हारी नपा
शिवपुरी। नगरपालिका शिवपुरी की पीआईसी बैठक सोमवार की शाम को हुई। 67 बिंदुओं वाली पीआईसी में सिर्फ दो वकीलों की वापसी का मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं किया, तथा उस पर अगली पीआईसी में चर्चा करने की बात कही। सीएमओ की यह मनमानी कलेक्टर के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें कलेक्टर ने सीएमओ के उस आदेश को अवैध बताते हुए निलंबित कर दिया था, जिसके द्वारा वकीलों को हटाया गया था।
चर्चा यह भी है कि शहर के कुछ जमीन कारोबारी मित्रों एवं भूमाफिया को लाभ देने और नगरपालिका को जमीनों के केस हरवाने के लिए जबरन वकीलों की वापसी में रोड़ा अटकाया जा रहा है। ज्ञात रहे कि पिछले माह में गुरुद्वारे के पास नाले के किनारे की 40 करोड़ रुपए कीमत वाली जमीन के मामले में नपा ने गवाही नहीं करवाई, और केस हार गए। जबकि वो जमीन पूरी तरह से शासकीय बताई जा रही है। चूंकि अभी एक ही वकील गिरीश गुप्ता हैं, जो भ्रष्टाचार के मामले में भी कोर्ट में नपा की तरफ से खड़े नहीं हुए थे। यदि हटाए गए दोनों वकील संजय सिंह कुशवाह एवं विनीत शर्मा वापस आ गए, तो फिर भूमाफियाओं को लाभ देकर अपनी जेब कैसे भर पाएंगे..?
ऐसे समझें वकीलों का मामला
नपा में विधिक सलाहकार के रूप में तीन वकील गिरीश गुप्ता, संजय सिंह कुशवाह एवं विनीत शर्मा को नियुक्त पीआईसी व परिषद ने किया था। इनमें से संजय व विनीत को सीएमओ ने अपने ही आदेश से 1 अगस्त 2025 को नपा से हटा दिया। नपा एक्ट की धारा 323 के तहत ऐसे मामलों में सुनवाई कलेक्टर करते हैं, तो वकीलों ने कलेक्ट्रेट में आवेदन दिया। कलेक्टर न्यायालय ने विनीत की वापसी का 24 अक्टूबर एवं संजय के लिए 4 नवंबर 2025 को आदेश करते हुए 19 नवंबर को सीएमओ के आदेश को निलंबित कर दिया। यानि दोनों वकील नपा में पुनः कार्य करेंगे। इस बिंदु को जान बूझकर पीआईसी में आज फिर अटका दिया।








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