
भ्रष्टाचार मामले में नपाध्यक्ष व सीएमओ को वल्लभ भवन भोपाल ने 24 को किया तलब
प्रमाणित भ्रष्टाचार वाले नगरीय प्रशासन के पत्र का 150 पेज में दिया नपा के जिम्मेदारों ने जवाब
प्रशासन की प्रमाणित जांच के बदले में दिए गये जवाब से असंतुष्ट, कमरा नंबर 203 में बुलाया
शिवपुरी। भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हो चुकी नगरपालिका शिवपुरी की नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा एवं नपा सीएमओ को नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में 24 फरवरी को तलब किया है। नगरीय प्रशासन ने यह आखिरी मौका समक्ष में उपस्थित होकर जवाब देने के लिए दिया है। पूर्व में प्रशासनिक जांच में प्रमाणित भ्रष्टाचार के संबंध में जवाब के लिए पत्र जारी कर जवाब माँगा था।
सूत्रों की मानें तो नगरपालिका के जिम्मेदारों ने उस पत्र के जवाब में लगभग 25 पेज का जवाब और 150 पेज का रिकॉर्ड भेजा था। उस जवाब को देखने के बाद भी नगरीय प्रशासन के सीएस संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए अब पेशी लगाई है। ताकि वो समक्ष उपस्थित होकर जवाब दें। चूंकि भ्रष्टाचार के मामलों वाला जो पत्र भोपाल से भेजा गया था, उसमें शिवपुरी के एडीएम द्वारा की गई प्रमाणित भ्रष्टाचार की जांच थी, इसलिए उसमें खुद को निर्दोष साबित करने के लिए नपाध्यक्ष एवं सीएमओ के पास कोई तर्क नहीं है। यही वजह है कि आगामी 24 फरवरी को पेशी में बुलाकर सफाई का अवसर दिया है।
नपाध्यक्ष व सीएमओ को मध्यप्रदेश मंत्रालय के नवीन वल्लभ भवन क्रमांक 2 के द्वितीय तल की ए विंग कक्ष क्रमांक A-203 में 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे उपस्थित होना है।
प्रमाणित भ्रष्टाचार का नहीं कोई जवाब
नगरपालिका शिवपुरी में हुए भ्रष्टाचार की शिकायतें पार्षदों ने प्रशासन से की थीं। जिसकी जांच कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने एडीएम दिनेश शुक्ला से करवाई थी। जिसकी जांच रिपोर्ट में अभी शिकायतें सही पाते हुए भ्रष्टाचार प्रमाणित पाया गया था। इतना ही नहीं साढ़े 4 करोड़ की रोड रेस्टोरेशन सहित अन्य फाइल गायब बताई गईं, जिनमें भी भ्रष्टाचार हुआ है। अब ऐसे में, जबकि प्रशासनिक जांच में भ्रष्टाचार प्रमाणित हो चुका है, तो फिर नपा के जिम्मेदारों पर कोई जवाब नहीं बचा है। इसलिए चर्चा यह भी है कि नपा के जिम्मेदारों की यह पेशी आखिरी हो सकती है।






