
भीड़ की आशंका के बीच पुलिस ने की हर परिस्थिति से निपटने की तैयारी, दो दर्जन लोगों ने सौंपा ज्ञापन
रन्नौद में चालान काटने पर हुए विवाद के बाद दर्ज हुए मामले के विरोध में थी प्रदर्शन की तैयारी, एनवक्त पर बसपा ने संभाली कमान
शिवपुरी। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को जनसुनवाई की भीड़ के बीच ही रन्नौद से आई एक यात्री बस के आते ही पुलिस हरकत में आ गई। देखते ही देखते एसपी ऑफिस के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इन तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी के लगभग दो दर्जन लोगों के साथ विधानसभा प्रभारी धनीराम चौधरी ने एसपी ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भीम आर्मी के लोग दूर ही खड़े रहे। ज्ञापन सौंपने के बाद बापा के पदाधिकारी बहन जी जिंदाबाद के नारे लगाकर चले गए। महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस की हर परिस्थिति से निपटने की तैयारी थी।
गौरतलब है कि बीते 31 जनवरी को रन्नौद में वहां चेकिंग और चालानी कार्यवाही के दौरान हुए विवाद में एक पुलिस आरक्षक का सिर फोड़ने के साथ ही उसकी वर्दी फाड़ दी गई थी। इस मामले में समाज के बीच अपना रुतबा दिखाने पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष ने भावनाओं में बहकर न केवल सस्पेंशन और एफआईआर के आदेश दे दिए थे, बल्कि भीड़ का समर्थन करते हुए थाने पर ही धरना शुरू कर दिया था। हालांकि उसके बाद जो कुछ मोबाइल पर जिलाध्यक्ष ने सुना तो बिना देर किए थाने की सीमा से बाहर हो गए। पुलिस आरक्षक के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हो जाने से जिलाध्यक्ष के आदेशों का उल्टा ही असर हो गया। स्थिति यह बनी कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने मीडिया के फोन भी नहीं उठाए। बताते हैं कि सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष लंबे समय तक एसपी ऑफिस में बैठे रहे।
आज मंगलवार को जनसुनवाई के बीच रन्नौद से एक यात्री बस कलेक्ट्रेट के पास नगरपालिका के सामने आकर रुकी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। यात्री बस के आते ही जिला मुख्यालय पर पुलिस की गतिविधियां तेज हो गईं, तथा कुछ पुलिसकर्मी बस के पास ही तैनात हो गए। इस बीच यह भी चर्चा सरगर्म रही कि एक वर्ग विशेष के लोग इकट्ठे हो रहे हैं। इस दौरान जाली- डंडा और हेलमेट लगाकर पुलिस बल एसपी ऑफिस के पास तैनात हो गया। पुलिस की तैयारियों के बीच देर दोपहर बसपा के विधानसभा प्रभारी अपने कार्यकर्ताओं के साथ बहन जी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए एसपी ऑफिस पहुंचे। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ को ज्ञापन देकर बाहर निकले धनाराम ने बताया कि हमने रन्नौद मामले में जांच करने एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए ज्ञापन सौंपा है।
यूजीसी जैसा हुआ बंटवारा:
किस तरह से यूजीसी के।माध्यम से देश को जातियों में बांटने की तैयारी की जा रही है, वैसा ही असर आज के इस ज्ञापन कार्यक्रम में नजर आया। पहले एसपी आफिस के पास भीम आर्मी के लोग नजर आए, फिर न जाने ऐसा क्या हुआ कि वो लोग इस मामले से दूर हो गए, तथा बसपा ने आकर ज्ञापन की राम अदायगी कर दी। हालांकि शहर की शांति के लिए यह सब ठीक रहा।






