
भाभी की हत्या कर फरार हुए देवर का इचोनिया के जंगल में फांसी पर लटका मिला क्षत-विक्षत शव
शिवपुरी उतर कर जाना था कोटा, लुकवासा में नींद खुली, हाइवे पार करते समय वृद्धा की हादसे में मौत
शिवपुरी। जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र में बीते 11 मार्च को अपनी भाभी की हत्या करने वाले देवर की लाश मंगलवार को इचोनिया के जंगल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। वहीं अयोध्या में रामलला के दर्शन करके कोटा राजस्थान जाने के लिए शिवपुरी उतरने की बजाए लुकवासा उतरी वृद्धा की सड़क हादसे में मौत हो गई।
गौरतलब है कि बीते 11 मार्च को ग्राम बामोरकला गांव की रहने वाली प्रीति की हत्या गला काटकर की गई थी। प्रीति का पति बाहर मजदूरी करता है, और वो गांव के देवर शिशुपाल केवट के साथ रहती थी। मजदूरी को लेकर विवाद के चलते शिशुपाल ने अपनी भाभी की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी थी। उसके बाद से शिशुपाल ने इचोनिया के जंगल फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव का पीएम करवाकर लाश परिजनों को सौंप दी।
शिवपुरी में उतर जाते तो नहीं होती वृद्धा की मौत
कोटा राजस्थान की रहने वाली जानकीबाई नागर (60) अपने पति रामप्रसाद एवं बहु-बेटा व बच्चों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन करके वापस लौट रहीं थीं। नागर परिवार को कोटा जाने के लिए शिवपुरी रुकना था, और फिर यहां से श्योपुर होते हुए कोटा जाना था। यह परिवार बस में सवार था, और रात 3 बजे जब नींद खुली तो उनकी बस लुकवासा पहुंच गई थी। बस रुकवाने के बाद यह पूरा परिवार लुकवासा चौकी पर उतर गया था, और जब शिवपुरी आने के लिए हाइवे पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने वृद्धा को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। यदि इस परिवार की नींद शिवपुरी में ही खुल जाती, तो वृद्धा की जान बच जाती।
चचेरे भाई ने चाकू मारकर उतारा मौत के घाट
शिवपुरी जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के पटवारी में 57 वर्षीय माधव आदिवासी में उसके ही चचेरे भाई ने महज 150 रुपए के लिए चाकू मारकर हत्या कर दी। बताते हैं कि माधव के साथ रमेश एवं उसकी पत्नी अशर्फी आगरा मजदूरी करने गए थे। 22 दिन मजदूरी के बाद जब यह लोग अपने गांव वापस लौट आए, तो रमेश अपने 150 रुपए लेने माधव आदिवासी के पास गया। इसी बात पर उनके बीच विवाद होने पर रमेश ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






