
अशफाक पर किस्मत मेहरबान, या फिर राजनीति की बैटरी हो रही रिचार्ज
कभी एक बैटरी वाली गाड़ी के लिए लगा रहा था गुहार, अब नेता प्रतिपक्ष ने दी तो सांसद ने भी दिखाई दरियादिली
शिवपुरी। पुरानी शिवपुरी के रहने वाले अशफाक् के पास 14 दिन पहले बैटरी वाला कोई वाहन नहीं था। उसने जब आधे पैरों के सहारे दोनों हाथ उठाकर गुहार लगाई, तो सत्ताधारी नेताओं से पहले उसकी गुहार सोशल मीडिया के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सुन ली थी।
प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष ने अपने समर्थक के हाथों अशफाक के लिए 50 हजार रुपए कीमत वाली बैटरी वाली ट्राइसिकल पहुंचाई। सोशल मीडिया पर अशफाक की बैटरी वाली गाड़ी पर हंसते मुस्कुराते और नेता प्रतिपक्ष को धन्यवाद देने के वीडियो वायरल हुए तो केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अशफाक को 60 हजार रुपए (कांग्रेस से 10 हजार अधिक) कीमत की बैटरी वाली ट्राइसिकल देने की घोषणा कर दी। अब इसे क्या कहेंगे अशफाक की किस्मत या फिर उसके नाम पर अब राजनीति होने लगी। क्योंकि उस एक व्यक्ति को अपना जीवन चलाने के लिए एक बैटरी वाली गाड़ी की जरूरत थी, जिसके लिए वो लंबे समय से दफ्तरों के चक्कर लगा रहा था। जब उसकी गिड़गिड़ाने की हद पार हो गई, तो उसने कलेक्ट्रेट में मीडिया के समक्ष अपनी नाराजगी का इजहार किया। अब जबकि उसे जीविकोपार्जन के लिए नेता प्रतिपक्ष ने बैटरी वाली गाड़ी दिलवा दी, तो फिर सांसद उसी व्यक्ति को गाड़ी देने की घोषणा क्यों कर रहे हैं?, यदि वो यह बैटरी वाली ट्राइसिकल किसी दूसरे जरूरआंद को दे दें, तो बेहतर होता। क्योंकि बैटरी वाली गाड़ी पर राजनीति नेता प्रतिपक्ष पहले खेल गए और आपने गुहार देर से सुनी।
कलेक्टर पर लगाए थे भेदभाव के आरोप
शिवपुरी कलेक्ट्रेट में पिछले मंगलवार को पुरानी शिवपुरी का दोनों पैरों से दिव्यांग अशफाक ने जनसुनवाई से बाहर आक्र कलेक्टर पर जातिगत भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए बैटरी वाली ट्राइसिकल की गुहार लगाई थी।यह गुहार उसने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य से भी लगाई थी, लेकिन उसकी फरियाद नेता प्रतिपक्ष ने पहले सुन ली. ..तो अब राजनीति क्यों..?







