
आरक्षक को पीटने वालों पर मामला दर्ज, जिलाध्यक्ष की फजीहत होने की चर्चा सरगर्म
रील बनवाना पड़ी महंगी, केंद्रीय मंत्री के पीए ने भी ले लीं बलैया, नाम की आड में कानून व्यवस्था को चैलेंज
शिवपुरी। जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी से मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज हो गया। सूत्रों की मानें तो भाजपा जिलाध्यक्ष ने रील तो बनवा ली, लेकिन उसके बाद उनकी भी फजीहत के चर्चे हैं। बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री के पीए ने भी जिलाध्यक्ष की बलैया ले लीं। क्योंकि जिलाध्यक्ष नाम की आड में कानून व्यवस्था को चैलेंज देने पर उतारू हो गए थे।
कोलारस एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस आरक्षक का सिर फोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि रुतबा दिखाने के लिए वीडियो बनवाना भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव को महंगा पड़ गया, क्योंकि जिनके समर्थन में वो खड़े हुए, जांच में वो ही गलत पाए गए। शराब के नशे में उन्होंने आरक्षक का सिर फोड़ दिया, और फिर बचने के लिए महिला के गर्भपात की अफवाह उड़ा दी, जबकि वो एक्टिंग करके जमीन पर लेटी रही। बताते हैं कि वीडियो बनवाने के बाद जिलाध्यक्ष रन्नौद थाने के अंदर अघोषित धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने पुलिस के जिले के मुखिया को फोन लगाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। माइक टू से बात हुई तो उन्होंने माइक-वन के कार्यक्रम में होने की बात कही थी। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि कुछ देर बाद माइक वन का फोन आया, और उन्होंने जिलाध्यक्ष के इस तरह के एक्शन प्लान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ऊपर बात करने के लिए भी कहा। बताते है कि मामला केंद्रीय मंत्री के पीए तक भी पहुंच गया था। जिसका असर यह हुआ कि जिलाध्यक्ष तेज कदमों से थाने की सीमा के बाहर हो गए। चूंकि इस तरह की हरकतों से नाम तो केंद्रीय मंत्री का ही खराब होता है, क्योंकि यह पद उनकी ही कृपा से मिला है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ का कहना है कि हमारे आरक्षक के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जब हम अपने अधीनस्थ स्टाफ के खिलाफ गलती होने पर कार्यवाही करते हैं, तो फिर जब हमारा स्टाफ सही काम कर रहा है, तो उनके साथ हमें खड़ा होना पड़ेगा।






