
अमोला पुल के आगे ऊंची हुई सड़क पर मंडरा रहा खतरा, सुरक्षा ना होने से गंभीर हादसे की आशंका
दिन के समय गिरी सिंध में कार, इसलिए बच गई पूरे परिवार की जान, रात होती तो अनहोनी तय थी
शिवपुरी। मड़ीखेड़ा डैम फुल होते ही कोटा-झांसी फोरलेन पर अमोला क्रेशर के पास सड़क तक पानी आने की वजह से एक साइड ऊंची कर दी गई। उस साइड में कोई सुरक्षा इंतजाम ना होने से खतरा मंडरा रहा है। बीते रविवार की सुबह एक कार लुढ़कती हुई सिंध नदी में गिर गई थी, जिसमें एक परिवार को बमुश्किल सुरक्षित बचाया था। यदि यह हादसा रात में होता, तो इस परिवार की जान को खतरा बढ़ जाता। उधर एनएचएआई का कहना है कि दोनों साइड में सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जाएगी, अभी जाम लगने की वजह से ट्रैफिक शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि मड़ीखेड़ा डैम जब पूरा भरता है, तो डूब क्षेत्र में फैलने वाला सिंध नदी का पानी सड़क तक आ जाता था। जिसके चलते हाइवे अधिक खतरनाक हो गया था। जिसकी एक साइड को तो ऊंचा कर दिया गया है, जबकि दूसरी साइड का काम अभी शुरू नहीं किया। जिस सड़क को ऊंचा किया गया है, वहां से ट्रैफिक को निकाला जा रहा है, लेकिन साइडों में सुरक्षा के लिए रेलिंग नहीं लगाई है। जिसके चलते छोटे वाहनों को यदि बड़े ट्रक आदि कट मारते हैं, या पुट्टी टच करते हैं, तो छोटे चारपहिया वाहन का सीधे सिंध नदी में पलटने का खतरा बना हुआ है।
कोटा निवासी शैलेंद्र हाड़ा का परिवार कोटा से उरई जाने के लिए जब इस हाइवे से निकला तो ऊंची की गई सड़क पर किसी ट्रक ने कार में पिछला हिस्सा टच कर दिया। जिस वजह से कार नई सड़क से पुरानी सड़क पर पलटने के बाद सिंध नदी में सीधे ही जा गिरे। चूंकि साइडों में कोई रेलिंग आदि नहीं लगी है, इसलिए कार सीधे ही नदी में जा गिरी। यह तो शुक्र है कि दिन का समय था, तो स्थानीय लोगों ने देख लिया, और अपनी हिम्मत से पूरे परिवार को बचा लिया। यदि उक्त हादसा रात में होता तो किसी को कुछ पता भी नहीं चलता, और एक परिवार की जान खतरे में पड़ जाती।
उधर एनएचएआई के प्रशांत मीणा ने बताया कि जो नई सड़क बनाई है, उस पर से ट्रैफिक इसलिए शुरू कर दिया, क्योंकि जाम लग रहे थे। दोनों साइडों में सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जाएगी।








1 thought on “अमोला पुल के आगे ऊंची हुई सड़क पर मंडरा रहा खतरा, सुरक्षा ना होने से गंभीर हादसे की आशंका”