
आगरा-मुंबई हाइवे पर एनएचएआई की लापरवाही से हो रहे गम्भीर सड़क हादसे
पुल-पुलिया निर्माण के फेर में एक ही रोड से गुजर रहा दोनों साइड का ट्रैफिक, बीच में नहीं लगाए अस्थाई डिवाइडर
शिवपुरी। यूँ तो शिवपुरी जिले से दो राष्ट्रीय राजमार्ग आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एबी रोड) तथा दूसरा कोटा-झांसी फोरलेन गुजरा है। इनमें से एबी रोड पर हर 24 घंटे में 15 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही है। इतना व्यतम हाइवे होने के बाद भी एनएचएआई की लापरवाही से इस रोड पर गम्भीर सड़क हादसे हो रहे हैं, जिसमें लोग जान गंवा रहे हैं। बीते एक पखवाड़े में न केवल दो ट्रक पलट गए, बल्कि यात्री बस और ट्रक की भिड़ंत में बस ड्राइवर की मौत होने के साथ ही 5 यात्री गम्भीर घायल हो गए।
ऐसे समझें खतरों का हाइवे:
शिवपुरी और लुकवासा के बीच स्थित पूरंखेड़ी टोल से लगभग डेढ़ किमी दूर एक ट्रक व यात्री बस की आमने सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई थी। इसकी मुख्य वजह यह है कि दुर्घटना स्थल के पास से ही लगभग डेढ़ किमी तक हाइवे की एक साइड से ही दोनों तरफ का ट्रैफिक निकाला जा रहा है। उस सिंगल रोड पर डिवाइडर के रूप में महज 50 मीटर तक अस्थाई रस्सी बांध दी, जबकि शेष पूरी रोड पर ड्रम आदि नहीं रखने से वाहन तेज रफ्तार में आमने सामने आकर टकरा रहे हैं।
एनएचएआई की लापरवाही से पूर्व में भी गई कई जान
गौरतलब है कि बीते लगभग 6 माह पूर्व कोटा झांसी फोरलेन पर अमोला पुल के पास मिट्टी का बड़ा हिस्सा सड़क पर आकर गिर गया था। नियमानुसार एनएचएआई को 24 घंटे में रोड क्लीयर करना चाहिए, लेकिन वहां 5 दिन तक मलबा पड़ा होने से एक ही साइड से दोनों तरफ का ट्रैफिक निकालने व संकेतक न लगाने से गुजरात की भजन मंडली से भरी ट्रेवलर में ट्रक की टक्कर से 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि आधा दर्जन हाथ पैर टूटने से दिव्यांग हो गए।
बोले एसडीओपी: पर्याप्त संकेतक लगाने चाहिए
एबी रोड पर ट्रैफिक अधिक है, तथा जब भी पुल पुलिया का काम होता है, तो एनएचएआई को पर्याप्त संकेतक लगाने चाहिए।
संजय मिश्रा, एसडीओपी कोलारस






