
सुराप्रेमियों को सरेआम ठग रहे कलारी वाले, प्रिंट रेट से ज्यादा दाम में बेच रहे शराब, विभाग के जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी
प्लेन पर 75 रुपए प्रिंट रेट, बेच रहे 90 रुपए का, बीयर के दामों में भी बड़ा अंतर, आबकारी अधिकारी बोले: दुकान आबंटन प्रक्रिया जारी
शिवपुरी। देश की जनता का पेट किसान भर रहा है, लेकिन उसकी फसल का दाम सरकार तय करती है। दूसरी ओर सबसे अधिक राजस्व देने वाली शराब कंपनियां आबकारी विभाग की सांठगांठ से मनमाने दाम पर शराब बेच रही हैं। इसमें मजदूर वर्ग सबसे अधिक शोषित हो रहा है, जो दिन भर की थकान उतारने के लिए 75 रुपए प्रिंट रेट वाला प्लेन का क्वार्टर 90 रुपए में खरीद रहा है। यही स्थिति बीयर के दामों में भी है। जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया अभी चल रही है, इसलिए अभी ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
गौरतलब है कि शरीर को खराब करने वाली शराब सरकार को चला रही है। जिसके चलते शराब कंपनियां के खिलाफ आबकारी विभाग कार्यवाही करने की बजाए उन्हें संरक्षण देने का काम कर रहा है। अभी हाल ही में शराब के नए ठेके हुए हैं, जिसमें दूसरे शराब ठेकेदार ने शहर की अधिकांश दुकानें लेने के बाद उन पर मनमाने रेट पर शराब की बिक्री कर रहे हैं। इतना हो नहीं एक ही लाइसेंस पर दो दुकानें संचालित करके अधिक से अधिक शराब की खपत करके ठेकेदार माल समेट रहे हैं।
पिछले दिनों महालसराय की दुकान के नाम पर दूसरी दुकान हवाई पट्टी के सामने खोले जाने का विरोध जब स्थानीय लोगों ने की, आबकारी विभाग ने जांच की बात कहकर मामले को रफा दफा ओर दिया। हालांकि फतेहपुर में भी नई शराब की दुकान को खोले जाने का विरोध करने पर वहां दुकान नहीं खुली थी। शराब ठेकेदार रिहायशी इलाकों में दुकान खोलकर उस क्षेत्र की शांति भंग करने से भी परहेज नहीं कर रहे।
बीयर के रेट भी अलग-अलग
गर्मियों में बीयर की खपत अधिक होती है। शिवपुरी शहर में ही दो दुकानों पर एक ही ब्रांड की बीयर 50 रुपए अधिक में बेची जा रही है। चूंकि सुराप्रेमी शराब खरीदते समय आसपास देखते हैं कि कोई देख तो नहीं रहा, इसलिए वो जल्दबाजी में सामान लेकर दुकान से हट जाते हैं। शराब दुकान वाले न तो पक्का बिल देते हैं, और ना ही ग्राहक मांगता है। जिसके चलते शराब कारोबारी मनमाने रेट में शराब बेचकर सरकार को जितना राजस्व नहीं दे रहे, उससे अधिक जनता से अवैध वसूली करके अपनी जेब भर रहे हैं।
सब कुछ देखकर भी जिम्मेदार मौन
पिछले महीनों में कोलारस का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें भाजपा नेता व शराब ठेकेदार रविंद्र शिवहरे का कर्मचारी एक बोलेरो में शराब की पेटियां रखकर गांव-गांव के खुली अवैध दुकानों पर रखने जा रहा था। पिछले दिनों बदरवास में रविंद्र के ही कुछ हथियारबंद लोगों को पकड़ा था, जिनकी गाड़ी से पिस्टल भी मिली थी। शराब के नाम पर हो रहे गोरखधंधे को आबकारी महकमा देखकर भी अनदेखा कर रहा है।
बोले जिला आबकारी अधिकारी: हम दिखवाते हैं
प्रिंट रेट से अधिक दाम में शराब नहीं बेची जा सकती। अभी नए रेट प्रिंट होकर नहीं आए हैं, इसलिए शायद ऐसा हो सकता है। महलसराय के मामले में पुरानी दुकान की जगह दूसरी जगह नई दुकान खोली थी, इसलिए विवाद हुआ था। जिले में अभी सभी दुकानों का आबंटन नहीं हुआ, यह प्रक्रिया अभी जारी है। फिर भी हम यह दिखवाते हैं कि अधिक रेट में कहां पर बेची जा रही है।
शुभम डांगोंरे, जिला आबकारी अधिकारी






