
हवा में लटका अधूरा पुल, आधा घंटे तक रेल का फाटक बंद, जान जोखिम में डालकर तोड़ रहे रेलवे के नियम
जब होती है दो ट्रेनों की क्रॉसिंग, तो अधिक समय तक फाटक न खोलने से पटरी के दोनों तरफ लगती है बड़ी भीड़, समय कम तो ले रहे रिस्क
शिवपुरी। बीते लोकसभा चुनाव से कुछ समय पूर्व ही पोहरी रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा पुल अभी अधूरा है। जिसके चलते क्रॉसिंग का गेट अधिक समय तक बंद रहने पर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे के नियम तोड़ रहे हैं। दुपहिया वाहनों को खेतों की तरफ से रेलवे की पटरी को कॉस कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ छोटे बच्चे भी हैं। दो ट्रेनों की क्रॉसिंग होने पर लगभग आधा घंटे तक फाटक बंद कर देने से दोनों तरफ सड़क पर चारपहिया सहित दोपहिया वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। दोनों तरफ सड़क पर डिवाइडर न होने से गेट खुलने पर दोनों तरफ के वाहन आमने- सामने आ जाते हैं, जिसके चलते गेट खुलने के बाद भी जाम खुलने में 15 मिनट का समय लगता है।
गुरुवार की दोपहर लगभग 2 बजे एक ट्रेन गुना से, तो दूसेरी ग्वालियर की ओर से आने वाली थी, इसलिए रेलवे फाटक को आधा घंटे तक बंद कर दिया गया। फाटक के दोनों तरफ लगने वाली इस भीड़ में कोई अपने गम्भीर बीमार बच्चे को लेकर डॉक्टर को दिखाने के लिए जा रहा होता है, या फिर अन्य कोई जल्दी का कार्य होता है। यह क्रॉसिंग राजस्थान, श्योपुर, मुरैना, बैराड़ व पोहरी को शिवपुरी शहर से जोड़ती है, बल्कि शहर के तीन बड़े स्कूल भी इसी रोड पर हैं। बच्चों की छुट्टी होने के बाद यदि फाटक आधा घंटे के लिए बंद हो जाता है, तो घरों में अभिभावक चिंतित हो जाते हैं, तथा स्कूल प्रबंधन या बस स्टाफ को फोन लगाकर कारण पूछते हैं।
इन सभी परेशानियों को दूर करने के लिए पोहरी रोड पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज की मांग पोहरी के पूर्व विधायक सुरेश राठखेड़ा ने रखी थी। उस समय वह कांग्रेस के विधायक थे, और एक सर्वे टीम भी बुलवाई थी। कांग्रेस की सरकार को गिराने के लिए राठखेड़ा ने विधायकी से इस्तीफा देकर सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में फिर विधायक बने राठखेड़ा ने ओवरब्रिज के मुद्दे को टच नहीं किया, बल्कि पीडब्ल्यूडी के काम निपटाए। पिछले लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पूर्व ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसका भूमिपूजन किया था। पुल निर्माण के दौरान एक बार निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा भी ढह गया था, जिस पर काफी लीपापोती की गई। कागजों में क्रॉसिंग के ऊपर दोनों तरफ का पुल लगभग बन गया, लेकिन रेलवे द्वारा बनाया जाने वाला पुल अभी शेष है। काम की गति को देखते हुए ऐसा लगता है कि शायद अगले लोकसभा चुनाव में जिले की जनता को यह सौगात दी जाएगी।






