
सीएम ने गृह विभाग नहीं दिया किसी को, प्रदेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था, मुरैना के बाद शिवपुरी में माफिया ने की वारदात
सिकंदरा बैरियर पर महिला प्रभारी से मारपीट करने के मामले में 8 नामजद व 2 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज, अधिकांश यादव बंधु
शिवपुरी से सैमुअल दास::
मध्यप्रदेश में लगभग 3 साल पूर्व बनी सरकार के मुखिया ने अभी तक गृह विभाग किसी भी मंत्री को न देते हुए, उसे अपने पास ही रखा है। बावजूद इसके माफिया में कानून का भय खत्म हो गया। बुधवार की सुबह जहां मुरैना में रेत माफिया ने एक वनरक्षक को ट्रेक्टर से कुचलकर मार डाला, तो वहीं बुधवार की रात शिवपुरी में बैरियर पर अवैध वसूली करने वाले माफिया के लोगों ने एक महिला बैरियर प्रभारी के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट कर दी। इन घटनाओं को देखकर तो लगता है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ कम होता जा रहा है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 22 साल 9 माह से है। वर्ष 2003 से 2026 के बीच दिसंबर 2018 से 2020 (15 माह) तक कांग्रेस सरकार रही। भाजपा के आखिरी गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा रहे थे। मिश्रा के चुनाव हारने और प्रदेश के कमान (दिल्ली की पर्ची से) मोहन यादव को जबसे मिली है, उन्हें शायद अपने मंत्री मंडल में गृह विभाग संभालने वाला कोई मंत्री नजर ही नहीं आया, जिसके चलते गृह विभाग भी सीएम ही देख रहे हैं। प्रदेश की अन्य व्यस्तताओं के बीच शायद सीएम गृह मंत्रालय पर ठीक से नजर नहीं रख पा रहे, जिसके चलते कानून व्यवस्था भी बिगड़ती जा रही है।
कानून का डर अपराधियों में रहा नहीं:
बीते बुधवार की अलसुबह मुरैना में अवैध रेत ढोने वाले वाहनों की चेकिंग के दौरान एक वनरक्षक को रेत माफिया की शह पर ट्रेक्टर चालक ने रौंद कर मार दिया। सुबह से रात ही हुई थी कि सिकंदरा बैरियर की महिला प्रभारी जब अपने शासकीय रूम में सो रहीं थीं, तभी बैरियर के पुराने प्राइवेट कटर अनिल उर्फ बल्लू यादव ने अपने साथियों के साथ उन पर हमला कर दिया। महिला प्रभारी के अलावा अन्य स्टाफ को भी जमकर लाठियों से पीटा गया। हंगामा करने के बाद आरोपी सीसीटीवी कैमरे तोड़ गए तथा उसकी रिकॉर्डिंग वाली सीडीआर भी निकाल ले गए।
15 घंटे बाद दर्ज हुआ मामला
घटना के लगभग 15 घंटे बाद दिनारा थाना पुलिस ने महिला प्रभारी की रिपोर्ट पर आरोपी राजगुरु उर्फ छोटू यादव, सोना यादव, महेंद्र यादव, सहदेव यादव, अनिल उर्फ बल्लू यादव, विक्की केवट, भैय्यन, कुंदन यादव व दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सूत्रों की मानें तो महिला प्रभारी पर हमला करने वाली टीम ने पहले शराब और बकरा पार्टी की। बताया तो यहां तक जाता है कि उसमें थाना प्रभारी भी शामिल हुए थे, और उनके जाने के बाद आरटीओ स्टाफ पर हमला बोल दिया। बताते हैं कि थाना प्रभारी की अक्सर देर शाम की बैठक इसी हमलावर टीम के साथ हुआ करती थी। शायद यही वजह रही कि मामला दर्ज होने में 15 घंटे लग गए।
करेरा में समझौता कराने का पुलिस ट्रेंड
शिवपुरी जिले की करेरा विधानसभा ऐसी है, जहां के पुलिस थानों में पीड़ित की सुनवाई करने की बजाए समझौता कराने का प्रयास पुलिस करती है, और बाद में खुद ही फंस जाती है। पिछले दिनों जिस मामले में दिनारा थाना पुलिस ने नायब तहसीलदार सहित 7 राजस्व कर्मचारियों पर गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया, उस मामले की शिकायतकर्ता के खिलाफ करेरा टीआई ने अलग से अपने थाने में इन्हों धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। बताते हैं कि दिनारा थाना प्रभारी भी 15 घंटे तक समझौते की मशक्कत करते रहे। थाना प्रभारियों के इस रवैए से आईपीएस आयुष जाखड़ की भी छवि प्रभावित हो रही है।








