
वीडियो में नपाध्यक्ष तो कह रहीं थीं कि सीएमओ मेरी वजह से बचा हुआ है, कल रात मंच पर तस्वीर उल्टी थी
इसका मतलब सीएमओ की सुरक्षा में नपाध्यक्ष का कोई रोल नहीं, सिंधिया तक बात पहुंचाने वाले फिल्टर अब गंदे हो गए
शिवपुरी। भ्रष्टाचार का गढ़ और जंग का मैदान बन चुकी शिवपुरी नगरपालिका के कार्यालय के अंदर के दो वीडियो वायरल हुए। इसमें से एक वीडियो में नपाध्यक्ष यह कहती दिख रही हैं कि यह सीएमओ मेरी वजह से बचा हुआ है।अभी तक उस बात पर शहरवासी भरोसा कर रहे थे, लेकिन रविवार की रात पीएस होटल में जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आभार कार्यक्रम में नपाध्यक्ष को मंच पर पीछे अकेले खड़े और सीएमओ को सिंधिया से सम्मान होते हुए देखा, तो कार्यक्रम में मौजूद लोग यह बोल बैठे कि नपाध्यक्ष झूठ बोल रहीं थी। हालांकि सम्मान करने वालों की लिस्ट उनके जिन फिल्टरों ने बनाई थी, वो भी बहुत गंदे हो गए, जिस वजह से सही बात सिंधिया तक नहीं पहुंच पाती है।
सिंधिया परिवार के दो नेताओं में बड़ा फर्क:
सिंधिया राजघराने के यूं तो चार लोगों ने शिवपुरी से सक्रिय राजनीति की, जिसमें यदि पूर्व केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और वर्तमान सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीति का तरीका देखें तो दोनों में बड़ा फर्क है, जिसका सीधा असर शहर की जनता पर पड़ता है।
पूर्व केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से कोई भी पीड़ित व्यक्ति कहीं भी मिल सकता था, वो जनता के बीच पहुंचकर समस्या सुनती थीं। उनके हर दौरे पर अधिकारी-कर्मचारी अलर्ट मोड में रहते थे। जिसकी भी शिकायत मिली, उसकी सार्वजनिक क्लास लेती थीं। उनकी इस तरह की राजनीति में जनता सीधे उनसे जुड़ी हुई थी, और प्रशासनिक अमला चुस्त-दुरुस्त रहता था।
अब बात करें सिंधिया परिवार के मुखिया व यशोधरा राजे सिंधिया के भतीजे ज्योतिरादित्य सिंधिया की, तो उनके सामने मुंह दिखाई वाले नेताओं का ऐसा कॉकस है, कि आम आदमी उनसे मिल ही नहीं पाता। कल भले ही वो आभार सभा में हर एक कतार में तेज कदमों से घूमकर निकले थे। वो इतने व्यस्त हैं कि वो स्वयं कुछ देखना नहीं चाहते, बल्कि उनके ग्वालियर व दिल्ली वाले पीए जो कह देते हैं, वो सही, बाकी सब गलत। यही वजह है कि जब भी उनके पीए आते हैं, तो अपनी राजनीति को बनाए रखने के लिए स्थानीय नेता उन्हें हाथोंहाथ लेते हैं। सिंधिया के आसपास के कॉकस में शामिल लोगों का जनता के बीच जनाधार शून्य है। यानि घोड़ों को घास नहीं, गधे खा रहे च्यवनप्राश। प्रशासन भी हर एक कार्यक्रम को कुछ इस तरह का हाई-फाई करवाता है कि केंद्रीय मंत्री को लगता है कि शिवपुरी बन चुकी है अब आधुनिक पर्यटन नगरी और नगरपालिका का विजन शिवपुरी धरातल पर उतर आया है।






