
वो लव मैरिज नहीं कर पाए तो मर गए, यहां प्रेम विवाह करने के बाद दोनों ने लड़ाई के बाद जहर खाकर दे दी जान
कोलारस में बढ़े प्यार के मामले: डेढ़ साल की मासूम बेटी के सिर से उठ गया माता-पिता का साया
शिवपुरी। कहते हैं कि शादी वो लड्डू होता है, जिसे खाए वो पछताए, जो न खाए वो भी पछताए। यह कहावत कोलारस विधानसभा में उस समय चरितार्थ हुई, जब प्रेम विवाह करने वाले दंपत्ति ने विवाद के बाद जहर खाकर जान दे दी, तथा अपनी डेढ़ साल की मासूम को अनाथ कर दिया। ज्ञात रहे कि इसी सप्ताह कोलारस के चंदेरिया में एक प्रेमी की हत्या प्रेमिका के परिजनों ने कर दी, तथा 3 दिन बाद प्रेमिका ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। ऐसा लगता है कि इस जमाने में भी लैला मजनू है, जो कोलारस क्षेत्र में अधिक हैं।
कोलारस के लुकवासा में बंटी रघुवंशी के फार्म हाउस पर कृषि मजदूरी करने वाले चंद्रपाल आदिवासी (22) एवं उसकी पत्नी सावित्री (21) ने बीते 1 अप्रैल की रात 10 बजे आपसी विवाद के चलते झोपड़ी में रखे जहर को गटक लिया। दोनों को गंभीर हालत में साथी मजदूरों ने शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार की रात 9 बजे सावित्री ने दम तोड़ दिया, तथा उसकी मौत के 12 घंटे बाद यानि शनिवार की सुबह 9 बजे चंद्रपाल भी दुनिया छोड़ गया। इस दंपत्ति ने 3 साल पूर्व प्रेम विवाह किया था, तथा उनकी डेढ़ साल की एक बेटी भी है। पुलिस अब परिजनों का इंतजार कर रही है। महिला का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है।
वो बिना मिले दुनिया छोड़ गए, यह 3 साल में जान देने पर उतारू हो गए
बुजुर्ग बताते हैं कि प्रेम विवाह सफल नहीं होता, बावजूद इसके अपने परिवार से विद्रोह करके लड़का/लड़की लव मैरिज करते हैं। अर्जुन पाल और वर्षा कुशवाह ने इसलिए दुनिया छोड़ दी, क्योंकि परिवार वालो ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इधर चंद्रपाल और सावित्री का प्रेम विवाह हुए 3 वर्ष ही गुजरे थे, कि हालात ऐसे बन गए कि दोनों को अपनी जान देनी पड़ी। अफसोस तो उस डेढ़ साल की मासूम के लिए है, जो बिना समझदार हुए ही अनाथ हो गई।








