
अब क्या पुराने भाजपाइयों का बनवाना होगा परिचय पत्र..?, आयातित जिलाध्यक्ष नहीं पहचान पा रहे भाजपा नेता
कार्यकारिणी का विरोध करने वाले डॉ हरिशंकर ने गिनाये पुराने भाजपा नेता, जिन्हें जिलाध्यक्ष शायद ही जानते हों
शिवपुरी। प्रदेश में भले ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले लंबे समय से है, लेकिन समय के साथ कुछ ऐसे बदलाव आए कि पुराने भाजपा नेताओं को शायद अब अपना पहचान पत्र बनवाना पड़ेगा। हम यह आशंका इसलिए जता रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस से आयातित भाजपा जिलाध्यक्ष अपनी ही पार्टी के पुराने नेताओं को जानते ही नहीं हैं।
भाजपा की जिला कार्यकारिणी के बाद अभी हाल में घोषित हुईं करेरा एवं पोहरी की मंडल कार्यकारिणी में शामिल किए गए नामों को लेकर पुराने भाजपाइयों में नाराजगी है। करेरा के भाजपा विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने तो यहां तक कहा कि जिलाध्यक्ष ने मुझसे पूछा ही नहीं और न ही मेरे समर्थकों को शामिल किया, जिसकी शिकायत मैं भोपाल में वरिष्ठ नेताओं से करूंगा।
उधर पोहरी कार्यकारिणी से नाराज डॉ. हरिशंकर धाकड़ ने जब विरोध में अपना वीडियो वायरल किया, तो भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव ने हरिशंकर को पहचानने से ही इंकार कर दिया। जिसके चलते हरिशंकर धाकड़ को फिर एक वीडियो बनवाना पड़ा, जिसमें उन्होंने खुद को पुराना भाजपा नेता बताने के साथ ही जिले के पुराने जिलाध्यक्षों और संगठन के पदाधिकारियों की जानकारी दी। वीडियो में हरिशंकर ने यह भी कहा कि इसमें गलती भाजपा जिलाध्यक्ष की नहीं है, क्योंकि वो तो कांग्रेस से आए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया पिछले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र सिंह तोमर को तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुरेश राठखेड़ा को अपनी तीन पोलिंग पर जीत दिलवाई थी। लेकिन अब जिलाध्यक्ष ने जिसे मंडल अध्यक्ष बनाया है, वो भाजपा को अपनी पोलिंग नहीं जिता पाया था।
शिवपुरी जिले की भाजपा में मूल भाजपाई और आयातित भाजपाइयों के बीच जिस तरह से खाई बढ़ती जा रही है, उसका खामियाजा आने वाले समय में चुनाव के दौरान भुगतना पड़े।






