
कलेक्ट्रेट पर लगे नारे: मोहन यादव जाएगा, जाकर भैंस चराएगा, मोदी तेरी तानाशाही नहीं। चलेगी-नहीं चलेगी
यूजीसी के खिलाफ सवर्ण समाज के लोगों ने रेली निकालकर कलेक्ट्रेट के गेट पर किया प्रदर्शन
शिवपुरी सहित देश भर में चल रहा यूजीसी का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को शिवपुरी के सवर्ण समाज ने हाथों में तख्तियाँ लेकर कलेक्ट्रेट के गेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे भी लगाए। जिनमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को वापस जाकर भैंस चराने का सुझाव दिया, तो वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तानाशाही न करने की नसीहत दी।
ज्ञात रहे कि जब हमारा देश गुलाम था, तब अंग्रेजों की एक नीति बहुत चर्चित थी: फूट डालो-राज्य करो। अंग्रेजों से देश को आजाद हुए 78 साल हो गए, लेकिन उनकी नीति अभी भी काम कर रही है। बड़ा सवाल यह है कि इस नीति को पहले अंग्रेजों ने चलाकर देश पर राज किया, और अब हमारे देश के नेता भी अघोषित अंग्रेज बन कर देश को जातियों के बांटकर आपस में ही एक-दूसरें का दुश्मन बना दिया। जिन समाज के लोग कल तक प्रेम और भाईचारे के साथ रहते थे, वो आज एक-दूसरें को कमजोर और नीचा दिखाकर आपस में कटुता को बढ़ा रहे हैं। लोगों को भी अपने बच्चों का भविष्य नजर आ रहा है, जिसमें कई बड़ी परेशानियों का उन्हें सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि वो इस कानून को वापस लेने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन में जुटे लोग उन मूल मुद्दों पर बात ही नहीं कर पा रहे, जिससे आमजन का जीना दुश्वार हो गया है। महंगाई अपने सबसे अधिक सूचकांक पर है, बेरोजगारी ने युवाओं का भविष्य चौपट कर दिया है, तथा रुपया लगातार नीचे गिरने से देश की आर्थिक मंदी स्पष्ट नजर आ रही है। सेना में स्थाई भर्ती की जगह 4 साल के अग्निवीर बनाने के लिए भर्ती की उम्र कम करके हजारों युवाओं को ओवर एज कर दिया। देश में आज भी अंग्रेजों की नीति काम कर रही है।






