
तेरहवीं खाकर बाइक से लौट रहे पिता-पुत्र को बीच रास्ते में ही ले उड़ा मौत का फ़रिश्ता
फोरलेन हाइवे पर रॉन्ग साइड जा रही भूसे की ट्रेक्टर ट्रॉली ने रौंदा इकलौते बेटे व पिता को, तीसरी पीढ़ी की हुई सड़क हादसे में मौत
शिवपुरी। वो पिता-पुत्र तेरहवीं का खाना खाने के बाद अपने घर ग्राम अटारा के लिए बाइक से निकले, लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि बीच रास्ते में ही मौत का फ़रिश्ता उन्हें ले उड़ेगा कोटा-झांसी फोरलेन पर तेंदुआ थाना क्षेत्र में डेहरवारा के पास शनिवार को देर शाम हुए एक सड़क हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि इकलौते बेटे और उसके पिता की जान लेने वाली भूसे से भरी वो ट्रेक्टर ट्रॉली थी, जो रात के अंधेरे में रॉन्ग साइड आ रही थी।
ग्राम अटारा में रहने वाले अरविंद धाकड़ (40) अपने इकलौते बेटे अरविंद (12) के साथ बाइक से कोलारस के ग्राम कुमहरौआ में एक परिचित की तेरहवीं में शामिल होने आए थे। शाम लगभग 7:30 बजे (इस दौरान अंधेरा हो जाता है) जब अरविंद अपने बेटे के साथ बाइक से अपने गांव लौट यह थे, तभी ग्राम डेहरवारा के पास सामने से रॉन्ग साइड आ रही ओवरलोड भूसे से भरी ट्रॉली ने बाइक में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोग एक उम्मीद के साथ दोनों को अस्पताल लाये, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सड़क हादसे में मृत हुए अरविंद और उनके।पुत्र के अलावा अरविंद के पिता की भी पहले ऐसे ही एक सड़क हादसे में जान चली गई थी। यानि एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां अपनी स्वाभाविक मौत नहीं बल्कि सड़क हादसे की अकाल मौत में वो दुनिया छोड़ गए। देर रात जब पिता पुत्र घर वापस नहीं आये, तो परिजनों को चिंता होने लगी थी, लेकिन तभी उनकी मौत का संदेश आया तो उस घर में नहीं बल्कि पूरे गांव में मातम छा गया।
शिवपुरी जिले से दो नेशनल हाइवे निकले हैं, जिन पर इन दिनों भूसा लेकर जाने वाले वाहनों की संख्या बहुत अधिक है। विशेषकर ट्रेक्टर ट्रॉलियां को भूसे से इस तरह भरा जाता है कि सिंगल सड़क पर तो साइड से बाइक सवार भी नहीं निकल पाता है। ऐसे ओवरलोड वाहनों पर पुलिस एवं परिवहन विभाग को कार्यवाही करना चाहिए।







