
रन्नौद में हुए चालान विवाद में पुलिस को फँसाने के लिए किया गया हर संभव प्रयास, वीडियो ने निभाई अहम भूमिका
पीड़ित पक्ष निकले बसपा के समर्थक, जिनका सहयोग करने पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष, अब नहीं दे पा रहे जवाब
शिवपुरी। जिले की रन्नौद तहसील में बीते 31 जनवरी को चालान कार्यवाही के दौरान हुए विवाद के बनाए गए वीडियो इसमें महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आ रहे हैं।अभी हाल में आया एक और वीडियो में यह स्पष्ट हो रहा है कि जिस गर्भवती महिला की आड ली जा रही है, उसे जबरन जमीन पर लिटाने का प्रयास उनके समर्थक कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि आरक्षकों को पीटने वाले लोग गर्भवती महिला को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
ज्ञात रहे कि रन्नौद में पुलिस आरक्षकों के साथ हुई मारपीट के मामले की जांच करेरा एसडीओपी आयुष जाखड़ (आईपीएस) कर रहे हैं। इस मामले में सामने आए वीडियो महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आ रहे हैं। जो पहला वीडियो सामने आया, उसने पुलिस आरक्षकों पर मधुमक्खी की तरह हमला किया गया, जिसमें एक आरक्षक का सिर फूट गया तथा उसकी वर्दी भी फाड़ दी गई थी। आरक्षकों पर हमला करने वालो ने खुद को बचाने के लिए जिस गर्भवती महिला की आड लेने का प्रयास किया, वो महिला पूरी तरह से ठीक नजर आ रही है। साथ ही उसका रिश्तेदार उसे जमीन पर लेटकर बेहोश होने की एक्टिंग करने के लिए दवाब बनाने का वीडियो भी अब सामने आ गया है। जिसके चलते अब पुलिस को फंसाने के लिए रचा गया षडयंत्र भी सामने आ गया है।
समर्थक बसपा के, सहयोग करने पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष
इस पूरे खेल में भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव भी हीरो बनने के लिए घटना वाली रात को ही रन्नौद थाने पर पहुंच गए थे। वो इसमें हीरो तो नहीं बन पाए, बल्कि उनकी फजीहत कुछ ऐसी हुई कि वो मीडिया के फोन उठाने से भी बचते रहे। महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस के खिलाफ जब आवेदन दिया गया, तो पीड़ित पक्ष ने बहुजन समाज पार्टी के बैनर तले ज्ञापन दिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पीड़ित पक्ष बसपा के समर्थक हैं, तो भाजपा जिलाध्यक्ष उनके सहयोग में क्यों कूद पड़े?, और अपनी फजीहत करवा ली।







