
चरनोई के बाद अब खेल मैदानों पर प्रभावशाली लोगों का कब्जा, प्रशासन करा रहा खाली, खिलाड़ी खुश
करेरा में पूर्व विधायक का कब्जा था, और अब कोलारस के धन्धेरा में भी प्रभावशालीयों का कब्जा खाली कराया
शिवपुरी। जिले में भूमाफिया इस कदर हावी हैं, कि पहले जानवरों के हक की जमीन पर कब्जा कर लिया था, और अब खेल मैदानों पर प्रभावशाली लोगों के कब्जे निकल रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस तरह से प्रशासन खेल मैदानों को कब्जामुक्त करवा रहा है, उसी तरह चरनोई भूमि भी करवाए तो मवेशी खेतों में नहीं घुसेंगे।
बीते बुधवार की रात जब करेरा में खेल मैदान पर हुए कब्जे को जब प्रशासन ने खाली करवाया तो उसमें पूर्व विधायक लाखन सिंह बघेल का कब्जा मिला। पूर्व विधायक लाखन सिंह जहां इस अतिक्रमण हटाने की मुहिम का विरोध करते।हुए दूसरे कब्जे गिना रहे थे, तो वहीं वर्तमान विधायक रमेश खटीक भी कब्जा हटाने के पक्ष में थे। इन दोनों पर पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि खेल मैदान की जमीन दोनों को आधी आधी दे दो।
उधर शनिवार को प्रशासन की राजस्व टीम ने रन्नौद के ग्राम धंधेरा में पहुंचकर खेल मैदान के लिए पूर्व से आबंटित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 7/1 की 7 बीघा जमीन का सीमांकन किया। जैसे ही राजस्व की टीम ने खेल मैदान पर हुए कब्जे की नापतौल शुरू की, तो स्थानीय खिलाड़ियों में जहां उत्साह देखने लायक था, तो वहीं बरसों से खेल मैदान पर कब्जा करने वाले प्रभावशाली अपना जोर लगाने की कोशिश कर रहे थे। कब्जा करने वालों में रामप्रसाद धाकड़, ईश्वरलाल, ऊधम सिंह जाटव, वीरसिंह धाकड़, भागचन्द शामिल है, जो सीमांकन के दौरान मोबाइल पर फोन तो लगाते रहे, लेकिन तब तक गाँव के युवा खिलाड़ियों ने खुद ही चूमा लेकर सीमांकन में सहयोग करते हुए अपना खेल मैदान चिह्नित कर लिया। यानि जिले की सभी तहसीलों।और विकासखण्डों के खेल मैदान के लिए शासकीय भूमि दी गई है, जिस पर प्रभावशाली कब्जा किए हुए हैं, जिन्हें प्रशासन खाली करवा रहा है।








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