
नपा में नजदीकी हुए दूर तो करोड़ों के खेल पर जताई असहमति, कार्यालय में ही 2.22 करोड़ खर्चने की थी तैयारी
पार्षदों का हुआ हृदय परिवर्तन, नजदीकी हुए दूर तो उठने लगे कई सवाल, नपा की फिजूलखर्ची बचाई
शिवपुरी। भ्रष्टाचार के मामलों में चर्चित नगरपालिका परिषद शिवपुरी की बैठक मंगलवार को जब हुई तो उसमें काफी कुछ बदलाव नजर आया। कल तक जो पार्षद पिछले दिनों के अध्यक्ष के साथ रहे, उन्होंने ही असहमति जताकर माल कमाने वाले बिंदुओं पर विरोध दर्ज कराया। हालांकि उनके विरोध करने से करोड़ों की फिजूलखर्ची पर अंकुश लग गया।
नपा परिषद के 21 बिंदुओं वाले एजेंडे में 9 नम्बर पर नगरपालिका कार्यालय में सड़क, ग्रीन स्पेस और वाहनों के लिए टीनशेड आदि कार्य कराए जाने के लिए 2.22 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर ली थी। हालांकि एजेंडे के बिंदु में लागत को ओपन नहीं किया था, लेकिन जब पार्षदों ने होने वाले खर्च की जानकारी ली तो बताया गया कि 2.22 करोड़ रुपए खर्च होना है। इस दौरान पार्षद प्रदीप शर्मा सहित अन्य 9 पार्षदों ने असहमति जताते हुए कहा कि जब पुरातत्व विभाग उसमें कोई काम नहीं करने दे रहा है, तो फिर यह निर्माण कैसे होंगे?। साथ ही उनसे यह भी कहा कि जब नगरपालिका कार्यालय के लिए जगह देख रहे हो, तो फिर यहां इतना बड़ा खर्च क्यों कर रहे हो?।
बैठक में उन पार्षदों ने तथ्यों के साथ विरोध दर्ज कराया, जो न केवल पूर्व में भी पार्षद रह चुके है, तथा कुछ समय पहले तक जो नपाध्यक्ष की हर बात में अपनी सहमति जता रहे थे। उन पार्षदों ने बैठक से दूरी बनाए रखी, जो नपाध्यक्ष का विरोध कर रहे थे। जबकि पार्षदों के पास परिषद की बैठक ही वो प्लेटफार्म है, जहां पर वो अपना विरोध दर्ज करा सकते थे, इसके अलावा तो उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
सूत्रों की माने तो कुछ विरोधी पार्षदों को काम एवं अन्य तरह के लालच देकर उन्हें वापस अपने पाले में ले लिया गया है। इसलिए ही कुछ तो बैठक गए ही नहीं, तथा जो पहुंचे, वो हर बिंदु पर सहमति जताने के लिए तैयार थे।







