
नगरपालिका कार्यालय बदलने को तैयार नहीं पार्षद, एजेंडे के बिंदुओं पर लिखित में दर्ज कराई असहमति
विरोधी भाजपा पार्षदों ने बनाई दूरी, नेता प्रतिपक्ष भी अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया
शिवपुरी। लगभग एक साल बाद हुई नगरपालिका परिषद की बैठक मंगलवार को सभाकक्ष में हुई। बैठक शुरू होते ही वार्ड 39 की पार्षद को घबराहट होने की वजह से नपाध्यक्ष उन्हें लेकर अस्पताल पहुंची। जिसके चलते बैठक कुछ देर से शुरू हो सकी। बैठक में भाजपा के विरोधी पार्षद नजर नहीं आए, तथा नेता प्रतिपक्ष ने भी अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया।
आज दोपहर लगभग ढाई बजे नगरपालिका परिषद की बैठक राष्ट्रीय गान से शुरू की गई। इस बार मीडिया को बैठक से बिल्कुल ही दूर रखा गया। बैठक के बिंदुओं में शामिल नया नपा कार्यालय के लिए जगह के प्रस्ताव पर मौजूद पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया, जबकि नपाध्यक्ष यह समझाती रहीं कि इस नगरपालिका कार्यालय परिसर में वाहनों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि नपा परिसर में कंडम वाहनों का ढेर लगा होने से अधिकांश जगह वो कचरा ही घेरे हुए है।
परिषद की बैठक में भाजपा पार्षद प्रदीप शर्मा सहित 9 पार्षदों ने एजेंडे के उन मुद्दों पर लिखित में असहमति जताई, जिनमें भ्रष्टाचार की बू आ रही थी। जिसमें बस स्टेंड का ठेका सहित बाजार बैठक पर असहमति जताई। इसी तरह ट्रांसपोर्ट नगर के पास सहरिया-आदिवासी परिवारों के घरों के पास समतलीकरण में 50 लाख रुपए देने का प्रस्ताव था। पार्षद प्रदीप शर्मा का कहना है कि तालाब की मिट्टी खोदकर उसी से समतल करने का प्लान था, तथा ठेकेदार मिट्टी खोदने और बिछाने दोनों की राशि वसूलकर एक करोड़ का खेल करने वाला था।
इसी तरह बांसखेड़ी स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानें एवं भूखंड लीज पर देने की तैयारी थी, जिसमें किसी को निजी लाभ देने का बड़ा खेल पर्दे के पीछे छुपा हुआ था। जिस पर भी पार्षदों ने असहमति जताई। परिषद की बैठक से उन पार्षदों ने दूरी बनाए रखी, जो पिछले दिनों नपाध्यक्ष का विरोध कर रहे थे। जबकि वो पार्षद यदि बैठक में आकृत अपना विरोध दर्ज कराते तो वो एक निर्धारित प्लेटफार्म पर सही बात रख पाते। नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा बैठक शुरू होने पर अंदर हैं, और फिर विरोध दर्ज कराकर बैठक छोड़कर वापस चली गईं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के समक्ष नपा के जिम्मेदारों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी खुलकर लगाए।







