
जिंदा आदमी लगा था नारे, जो दुनिया छोड़ गए, उनकी अस्थियां धोने को पानी तक नहीं
कभी देश भर में सुंदरता के लिए पहचाना जाने वाला शिवपुरी का मुक्तिधाम भी दुर्दशा का शिकार
शिवपुरी में एक तरफ जहां जिंदा आदमी अपने अधिकार के लिए हाथ में झाड़ू लेकर नारे लगा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर बदहाल अव्यवस्थाओं के बीच दुनिया छोड़ गए लोगों की अस्थियां तक धोने को पानी नहीं है। जबकि एक समय शिवपुरी का मुक्तिधाम देश भर में सबसे सुंदर और शांतिदायक होने के लिए चर्चित रहा।
शिवपुरी में विकास के हवा-हवाई दावे तो बहुत किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर हालात ऐसे हैं कि जिंदा तो क्या मृत्यु के बाद भी परेशानियां खत्म नहीं हो रहीं। आज सुबह अस्थियां संग्रहण के लिए गए लोगों में शामिल एडवोकेट जितेंद्र समाधियां ने बताया कि आज स्व भगवतीप्रसाद पाराशर धौलागढ़ बालों एवं शिक्षिका शुक्ला जी की उठावनी मुक्तिधाम पर थी। जिसमें एक टंकी से वमुश्किल पानी लोगो हाथ धोने मशक्कत कर मिल रहा था, जबकि दूसरी टंकी में टोटी, पाइप, पानी कुछ भी नहीं था। चूंकि दो लोगों की उठावनी में लोग अधिक आए थे, तथा टंकी खाली व टोटी गायब होने से लोगों को लम्बा इंतजार करना पड़ा।
जिसने देखा, उसने सराहा था मुक्तिधाम
दैनिक भास्कर के ऑनर गिरीशा अग्रवाल की रिश्तेदारी शिवपुरी में है, और जब वो एक गमी में शामिल होने आए, और उन्होंने शिवपुरी का मुक्तिधाम देखा, तो मुझसे कहा कि इस पर अच्छी स्टोरी करो। इसी तरह देश के विभिन्न राज्यों और प्रांतों में रहने वाले रिश्तेदार अंतिम यात्रा में जरूर आते हैं, और मुक्तिधाम देखते हैं।
बोले संस्था संचालक: कर्मचारी हुए नकारा:
मुक्तिधाम में 2 कर्मचारी नगरपालिका के हैं, जो सफाई करते है, तथा 4 संस्था के हैं। टंकी की टोटी और पाइप कोई तोड़ कर निकाल ले गया। जिसे हम जल्द सुधरवा देंगे। कर्मचारी नकारा हो गए, इसलिए व्यवस्था कुछ बिगड़ी है।
अजय कुमार, केयरटेकर मानवता संस्था







