
जला सुनवाई में फोटो सेशन तक सीमित रहे नपा के अधिकारी व नेता, धरातल पर हालात इंदौर जैसे बनने के लिए तैयार
नगरपालिका कर रही सामाजिक अपराध में सहयोग, कच्चा शौचालय तोड़ने की बजाए नोटिक देकर की इतिश्री
पानी को दूषित करने वाली सीवर की गंदगी हटाने की बजाए पानी की सप्लाई रोक दी
बोलीं महिलाएं: कैम्पर का पानी पीने से बचे, वरना शिवपुरी में होतीं इंदौर जैसी मौतें
शिवपुरी नगरपालिका के जिम्मेदार सिर्फ अपनी जेब भरने में लगे हैं, जनता मरे तो मरती रहे। सिद्धेश्वर मंदिर के सामने कॉलोनी में कच्चे शौचालय के सामाजिक अपराध में शामिल होकर नपा के जिम्मेदारों ने अभी तक वो गंदगी नहीं हटाई, जो घरों में सप्लाई होने वाले पानी को दूषित कर रही है।
बीते 3 जनवरी को SD न्यूज ने सिद्धेश्वर मंदिर के सामने कुएं से हो रही पानी की सप्लाई में दूषित पानी होने का अंदेशा जताया था। खबर के बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने जब कुएं के पानी की जांच कराई तो दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक पानी में 600 टीडीएस निकला। कुएं का इतना अधिक दूषित पानी इसलिए हो गया, क्योंकि उससे 2 कदम की दूरी पर भाजपा के पूर्व पार्षद अजय भार्गव का कच्चा शौचालय एवं उसके आसपास दूसरे सीवर चेंबर हैं।
पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद नगरपालिका ने कुएं से होने वाली पानी की सप्लाई बंद कर दी। साथ ही अतिक्रमण प्रभारी बने खरे ने भी नोटिस देने की बात कही, लेकिन जल स्त्रोत के पास से यह गंदगी अभी तक नहीं हटाई।
कॉलोनी में कुएं से होने वाली पानी की सप्लाई बंद हो जाने से उसमें जलसंकट गहराने लागा है। क्योंकि मड़ीखेड़ा की सप्लाई 3 दिन में उतनी ही आती है। महिलाओं का कहना है कि पानी को दूषित करने वाले कारण तो खत्म नहीं किए, सप्लाई बंद करके समस्या खड़ी कर दी।
कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि कुएं से होने वाली सप्लाई हर रोज मिलने से पानी की आपूर्ति हो जाया करती थी, हालांकि हम लोग पीने के लिए कैम्पर का पानी ले रहे हैं, अन्यथा इंदौर जैसी घटना हमारी कॉलोनी में भी होती। महिलाओं का कहना है कि पानी की सप्लाई बंद कर दी, लेकिन जिस कच्चे शौचालय और सीवर चेंबर की वजह से पानी दूषित हो था है, उसे नहीं हटवाया। तीन दिन में एक बार कुछ समय के लिए मड़ीखेड़ा की सप्लाई आती है, उससे पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है।







