
अभिभावकों के लिए अलर्ट: बच्चों को मोबाइल एडिक्ट बनाने से बचाएं, अन्यथा भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
मनोचिकित्सक के पास आ रहे ऐसे केस, डॉ. रघुवंशी ने बताए दुष्परिणाम, बचाव के उपाय भी
शिवपुरी से सैमुअल दास…
यह खबर हर अभिभावक को चिंतित कर सकती है, क्योंकि मोबाइल अब बच्चों के मानसिक संतुलन को बिगाड़ रहा है। इस तरह के मामले शिवपुरी जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. योगेंद्र रघुवंशी के पास आ रहे हैं।
मनोचिकित्सक डॉ. रघुवंशी ने बताया कि हमारे पास जो अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आ रहे हैं, उनके लक्षणों को देखकर हम समझ रहे हैं, कि वो एंजाइटिका जैसी गंभीर बीमारी की तरफ बढ़ रहा है। बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं, क्लास में उनका परफॉर्मेंस कमजोर हो रहा है, गुस्सैल प्रवृत्ति के होते जा रहे हैं। माता-पिता अभी इस बीमारी की गम्भीरता को समझ नहीं रहे हैं। जबकि आगे चलकर यह विकृति डिप्रेशन और नशे की तरफ बच्चे को ले जाती है।
एक तरफ बच्चे मोबाइल एडिक्ट होकर इस गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं, तो वहीं गर्दन झुकी रहने से स्पाइनल कॉर्ड और आंखों को भी नुकसान हो रहा है। यानि मोबाइल बच्चे के शारीरिक सामान्य विकास को रोक कर बीमारियों का केंद्र बना रहा है।
डॉक्टर ने यह दिए बचाव के उपाय
– बच्चे को अभिभावक मोबाइल से दूर रखकर उसे अपना समय दें।उसे कम समय के लिए मोबाइल दें।
– बच्चे को कहीं घुमाने ले जाएं, तथा उसे खाने पीने का प्रलोभन देकर मोबाइल से दूर रखे।
– समय समय पर बच्चे का मोबाइल चेक करते रहें कि बच्चा क्या देख रहा है। क्योंकि मोबाइल में।कुछ गेम ऐसे हैं, जिन्हें देखकर बच्चे आत्महत्या तक कर रहे हैं।







