
बोले रिटायर्ड सीएमओ: नपाध्यक्ष को मिला नोटिस गंभीर, बर्खास्तगी तय, इससे पहले दे दें इस्तीफा
शर्मा ने कहा: मध्यप्रदेश की इकलौती नपाध्यक्ष, जो बिना एक रुपया खर्च किए बनीं, फिर भी किया सबसे अधिक भ्रष्टाचार
शिवपुरी। नगरपालिका अध्यक्ष को नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय से मिला कारण बताओ नोटिस कितना गंभीर है, इस संबंध में हमने बात की रिटायर्ड सीएमओ रामनिवास शर्मा से। उन्होंने बताया कि इन पर जिस तरह से प्रमाणित भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उसमें इनके पास कोई जवाब नहीं है, तथा उनकी बर्खास्तगी तय है। उनका तो यहां तक कहना है कि वो इससे पहले इस्तीफा देकर यह उदाहरण पेश करें कि मुझ पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं, तो मैं इस्तीफा दे रही हूं।
रिटायर्ड सीएमओ रामनिवास शर्मा ने कहा कि शिवपुरी नपाध्यक्ष पूरे मध्यप्रदेश की इकलौती ऐसी अध्यक्ष हैं, जो बिना एक रुपया खर्च किए हुए बनी हैं। उन्हें तो पूरी ईमानदारी से शहर विकास करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने तो प्रदेश में सबसे अधिक भ्रष्टाचार करके अपना विकास किया। इससे न केवल उन्हें नपाध्यक्ष बनाने वाली पूर्व केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे की छवि धूमिल की है, बल्कि वो क्षेत्रीय सांसद की छवि को भी नुकसान पहुंचा रही हैं।
रामनिवास शर्मा ने बताया कि इस नोटिस में जो आरोप नपाध्यक्ष पर लगाए गए है, वो प्रशासनिक जांच में प्रमाणित पाए गए हैं। इसलिए इन आरोपों को नकारने का कोई कारण बचता ही नहीं है। यही वजह है कि नोटिस में दी गई अवधि में भी उसका कोई जवाब नहीं बन पाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि बर्खास्तगी के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसके क्रम में ही यह नोटिस दिया गया है। नोटिस की समयावधि निकलने के बाद नगरीय प्रशासन अगली कार्यवाही का कदम बढ़ाएगी।
बिना खर्चे के बनीं, फिर भी धूमिल कर दी छवि
रिटायर्ड सीएमओ ने कहा कि नपाध्यक्ष बिना कोई खर्च के नगर की प्रथम नागरिक बनीं। उन्हें यह पद दिलाने वालीं पूर्व केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया है, जिनकी छवि भी नपाध्यक्ष ने धूमिल कर दी, तथा अब वो सांसद की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।








