
सीवर प्रोजेक्ट बना केंद्रीय मंत्री के लिए सिरदर्द, कुछ न कर पाने की मजबूरी मीडिया के समक्ष स्वीकारी
शिवपुरी के मुद्दों पर चर्चा या संवाद करने की बजाए बीएसएनएल व प्रधानमंत्री की तारीफ करके चले गए सांसद
शिवपुरी। झील संरक्षण परियोजना के तहत स्वीकृत हुआ 54 करोड़ का सीवर प्रोजेक्ट 150 करोड़ का होने के बाद अब क्षेत्रीय सांसद के लिए भी सिरदर्द बन गया। उन्होंने अपनी यह पीड़ा शुक्रवार की रात मीडिया से संवाद के दौरान बताई। साथ ही सांसद ने सिस्टम में मौजूद खामियां बताते हुए उनमें सुधार न कर पाने की मजबूरी भी बताई।
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान बीएसएनएल की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री की तारीफों के कसीदे गढ़ते रहे। एक तरफ जहां प्राइवेट संचार कंपनिया 6जी की लॉन्चिंग की तैयारी कर रही हैं, वहीं सिंधिया अभी भी बीएसएनएल की 4जी का ढिंढोरा पीट रहे हैं। उन्होंने अधिकांश समय तक अपने विभाग की उपलब्धियों के बारे में ही बताया।
इस दौरान कुछ ख़बरनवीसों ने जब शिवपुरी की बदहाली और 15 दिन तक पानी की सप्लाई बंद होने तथा सीवर प्रोजेक्ट के संबंध में सवाल किया, तो सिंधिया बोले कि सीवेज प्रोजेक्ट मेरे लिए सिरदर्द बन गया है। वो बोले कि जो सीवर लाइन माधव महराज ने डलवाई थी, वो आज भी सही काम कर रही है, लेकिन नई सीवर लाइन की क्वालिटी अच्छी नहीं है। सिंधिया ने कहा कि ठेकेदार बिलों रेट में टेंडर ले लेते हैं, तो काम कैसे होगा। ठेका लेने के बाद ठेकेदार उस काम को पेटी पर दूसरे को दे देता है, ऐसे में यह समझ नहीं आता कि प्रोजेक्ट पर किस से बात करें। मेरा बस चलता तो यह सिस्टम ही बदल देता, ताकि किसी एक जिम्मेदार की गर्दन तो पकड़ सकते हैं। सिंधिया की बातों पर भरोसा करें तो शिवपुरी में स्वीकृत सीवर प्रोजेक्ट फैल हो गया, तथा अस्पताल चौराहे की तरह पूरे शहर में सीवर की गंदगी फैलती रहेगी, तथा शहर की जनता यह त्रासदी आगे भी झेलती रहेगी।








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