February 4, 2026
15वें दिन आई सिंध की सप्लाई, घरों में पानी पहुंचने की बजाए सड़कों पर बहकर बर्बाद होता रहा

15वें दिन आई सिंध की सप्लाई, घरों में पानी पहुंचने की बजाए सड़कों पर बहकर बर्बाद होता रहा
प्रोजेक्ट तो शिवपुरी में लेट होते ही रहे, लेकिन अब रिपेयरिंग भी दावे के 7 दिन बाद हो सकी

शिवपुरी शहर में बंद पड़ी सिंध की सप्लाई 15वें दिन शहर में आई, लेकिन यह पानी घरों में जाने की बजाए सड़कों पर बर्बाद होकर फैलता रहा। यह नजारा रविवार को फिजिकल सम्पबैल पर देखने को मिला, जिसके दोनों ओर की डामर सड़क पर पानी भर गया। यह पानी सांपबैल के ओवरफ्लो होनी की वजह से हुआ, क्योंकि यहां पदस्थ कर्मचारी उस समय नदारद थे।
शिव की नगरी शिवपुरी को किसी का ऐसा श्राप लगा है कि यहां स्वीकृत होने वाले 2 वर्षीय प्रोजेक्ट 15 साल में भी पूरे नहीं हो पाते। इतना ही नहीं, अब तो मेंटेनेंस के काम भी समयसीमा में पूरे होने की बजाए निर्धारित समयावधि गुजरने के 7 दिन बाद पूरे हो पा रहे हैं। शिवपुरी में प्रोजेक्ट चारागाह बनकर रह गए। सिंध जलावर्धन की पहले मेन पाइप लाइन बदलने में कई महीनों तक पेयजल सप्लाई बंद की थी, और अब डिस्ट्रीब्यूशन में लीकेज हो जाने से उसे सुधारने के लिए 21 से 28 दिसंबर तक सप्लाई रोकने का पत्र सीएमओ ने जारी किया था। सात दिन की जगह यह काम साल गुजरने के बाद भी 4 दिन बाद पूरा हो पाया।
आज जब सिंध की सप्लाई शहर में आई तो फिजिकल सांपबेल पर तैनात कर्मचारी इधर उधर हो गए, जिसके चलते टंकी भरने के बाद उसका पानी बाहर सड़क पर भरना शुरू हो गया। डामर सड़क जब ताला बनने लगी तो सोशल मीडिया पर वीडियो आने लगे। तब कहीं जाकर सड़कों पर।भरते पानी को रोका गया।

इतने दिनों में साफ कर सकते थे टंकियां

सिंध की सप्लाई 14 दिन रुकने के दौरान शहर में मौजूद पानी की टंकियों की सफाई हो सकती थी। अभी हाल ही में दूषित पानी से इंदौर में हुईं 16 मौतों के बाद भी न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई पहल की और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने ऐसा कोई प्रयास किया। बल्कि अपने ऑफ़िस के वास्तुदोष सुधारते रहे।

15वें दिन आई सिंध की सप्लाई, घरों में पानी पहुंचने की बजाए सड़कों पर बहकर बर्बाद होता रहा

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