
शिकार हुई मादा टाइगर की भरपाई: बांधवगढ़ से लाई गई मादा टाइगर को माधव टाइगर रिजर्व शिवपुरी में छोड़ा
शिवपुरी का माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या हुई 7, एक मादा टाइगर का हो चुका है शिकार, अब रखनी होगी विशेष निगरानी
शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व शिवपुरी में शनिवार की सुबह एक नए मेहमान के रूप में बांधवगढ़ से लाई गई मादा टाइगर का आगमन हुआ। ज्ञात रहे कि पूर्व में एक मादा टाइगर का शिकार हो चुका है, जिसे पार्क प्रबंधन अभी भी लापता मान रहा है। आज लाई मादा टाइगर से अब बाघों की संख्या 7 हो गई। चूंकि एक मादा टाइगर का शिकार पूर्व में हो चुका है, इसलिए अब पार्क प्रबंधन को विशेष निगरानी रखनी होगी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई गई मादा टाइगर को आज सुबह 9 बजे माधव टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया। इस बार महत्वपूर्ण बात यह रही कि मादा टाइगर को छोड़ने के लिए नेतां नगरी को आमंत्रित नहीं किया गया, तथा यह कार्य पार्क प्रबंधन ने ही कर दिया। अब माधव टाइगर रिजर्व में 3 मादा टाइगर एवं 2 नर टाइगर के अलावा दो शावक हो गए हैं। चूंकि अभी लाई गई मादा टाइगर के गले में ट्रेकिंग बेल्ट लगा हुआ है, तो पार्क प्रबंधन को उसकी लोकेशन मिलती रहेगी, जबकि शुरुआत में लाए गए तीन टाइगरों का ट्रेकिंग सिस्टम बंद हो जाने की वजह से उनकी लोकेशन मिलना बंद हो गई थी, जिसका फायदा उठाते हुए शिकारी ने एक मादा टाइगर का शिकार कर लिया था।
चीतों की तरह नहीं बढ़ रहे बाघ:
श्योपुर के कूनो में जिस तरह से चीतों की आबादी बढ़ रही है, उसकी तुलना में शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या नहीं बढ़ रही। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा का कहना था कि यदि जंगल में डिस्टर्बेंस अधिक होता है, तो आबादी बढ़ने में रुकावट आती है। चूंकि माधव टाइगर रिजर्व के अंदर अभी भी 5 गांव बसे हुए हैं, तथा लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिसके चलते टाइगरों की आबादी में इजाफा नहीं हो पा रहा है। बीते 4 साल में महज दो शावको का ही जन्म हुआ है।







