
अपनी जमीन को फ्रंट में लाने के लिए विधायक ने किया दूसरे की जमीन को सड़क में मिलाने का प्रयास
इस बार रिश्तेदार टारगेट पर: हाथ बांधे खड़े रहे पटवारी व एनएचएआई इंजीनियर, जमीन नाप रहा था पिस्टलधारी पीएसओ
शिवपुरी। यूं तो अभी तक शहर के कई जमीन मामलों में शिवपुरी विधायक के परिजनों का नाम सामने आया है, लेकिन इस बार तो विधायक खुद ही जमीन की नापतौल करवाने पहुंच गए। इस बार उनके निशाने पर रिश्तेदार हैं, जिसके स्वामित्व की जमीन को सड़क में शामिल करवा कर अपनी पीछे की जमीन को फ्रंट पर लाने के लिए षड्यंत्र करने का प्रयास किया। पीड़िता ने बीते मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायती आवेदन दिया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जमीन नापने का काम पटवारी और एनएचएआई के इंजीनियर की जगह विधायक का पिस्तलधारी पीएसओ एवं एक अन्य कर रहे थे।
ऐसे समझें पूरा मामला:
राघवेंद्र नगर कॉलोनी में रहने वाली रानी पत्नी अशोक अग्रवाल के स्वामित्व की जमीन एबी रोड एवं पसोरा सड़क के बीच सर्वे नंबर 592/2 रकबा 0.1400 हेक्टेयर (1564 वर्गफीट) जमीन है। जिसकी रजिस्ट्री, नामांतरण एवं डायवर्सन भी है। रानी अग्रवाल की जमीन के पीछे ही शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन की पत्नी पदमा जैन के नाम से सर्वे क्रमांक 456, 457, 458 (40 बीघा) जमीन है। रानी अग्रवाल की जमीन में पश्चिम में एबी रोड है, जबकि पूर्व में ग्राम पड़ोरा सड़क की पीडब्ल्यूडी वाली सड़क है। चूंकि विधायक की पत्नी के नाम वाली जमीन के आगे रानी अग्रवाल की जमीन है, इसलिए विधायक अपनी जमीन का फ्रंट आगे लाने के लिए रानी अग्रवाल की जमीन को सड़क में शामिल करवाना चाहते हैं।
जमीन नपवाने खुद पहुंचे विधायक:
बीते 22 दिसंबर 2025 की दोपहर 2 बजे विधायक देवेंद्र जैन,पटवारी शिवकुमार शर्मा, राजस्व निरीक्षक कोरकू, पटवारी रामवीर रावत, NHAI के रेजिडेंट इंजीनियर मोहनलाल शर्मा, इंजीनियर केतन पंचवेदी, PSO चंद्रभान दांगी उक्त जमीन पर पहुंचे। यहां पटवारी तो हाथ बांधे खड़े रहे, जबकि विधायक का पीएसओ व ड्राइवर के अलावा एक पंडितजी फीता लेकर नापतौल करते रहे। इस दौरान एनएचएआई के इंजीनियर अपनी हाइवे की सड़क छोड़कर पीडब्ल्यूडी की सड़क नपवाते नजर आ रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि रानी अग्रवाल की विधायक से रिश्तेदारी भी है। इस संबंध में बात करने के लिए विधायक को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
विधायक ने बताया उसे अतिक्रमण:
शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन ने बीते 21 नवंबर 2025 को एक शिकायती आवेदन कलेक्टर को दिया, जिसमें रानी अग्रवाल की जमीन को अतिक्रमण बताया। कलेक्टर ने 1 दिसंबर को एसडीएम कोलारस को पत्र लिखा, तथा एसडीएम ने 11 दिसंबर को तहसीलदार को जांच के लिए पत्र लिखा। जिस पर यह जांच हुई है।
बोले एसडीएम: जमीन तो उनकी भी है
उस दिन हमने जमीन की नापतौल करवाई है। जिसमें हाइवे और पीडब्ल्यूडी की सड़क के बीच रानी अग्रवाल की 0.1400 हेक्टेयर जमीन है।
अनूप श्रीवास्तव, एसडीएम कोलारस







