February 4, 2026
खुद की नसें काटने वाले मेडिकल स्टूडेंट मयंक का चल रहा दिल्ली में इलाज, पीआरओ को दिखाया बाहर का रास्ता

खुद की नसें काटने वाले मेडिकल स्टूडेंट मयंक का चल रहा दिल्ली में इलाज, पीआरओ को दिखाया बाहर का रास्ता
मीडिया को टारगेट करने में कुछ प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों का भी रहा पर्दे के पीछे सहयोग, सुलग रही चिंगारी

शिवपुरी। मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में फाइनल करने के बाद इंटर्नशिप कर रहे भोपाल निवासी मयंक दांगी ने शनिवार को हाथ की नस व गर्दन पर जख्म कर लिए थे। जब तक उसने दोस्तों को बताया, तब तक ब्लीडिंग बहुत अधिक हो गई थी। एयर एंबुलेंस की व्यवस्था ना होने पर सड़क मार्ग की एंबुलेंस से मयंक को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे 8-9 यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ा, तथा उसकी स्थिति अभी स्थित है। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के पीआरओ राहुल अष्ठाना को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। जबकि राहुल ने हमेशा मेडिकल कॉलेज का पक्ष मजबूती से रखा था।
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हुए घटनाक्रम के बाद मीडिया वर्सेस जूनियर डॉक्टर हो गए थे, लेकिन पर्दे के पीछे वो डॉक्टर भी रहे, जिनकी शहर में प्राइवेट क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ हर रोज उमड़ रही है। सूत्रों की मानें तो उन डॉक्टरों की कई करतूत मीडिया ने उजागर की थी, इसलिए वो भी मौके की तलाश में थे। मयंक की परेशानी की वजह किसी फाइल पर वरिष्ठजनों के हस्ताक्षर न करने की चर्चा भी सामने आई है, लेकिन इंटरनरशिप में कोई परीक्षा नहीं होती है। उसके प्रेम प्रसंग का भी ऐसी कोई पुष्ट बात सामने नहीं आई। फिर आखिर ऐसी क्या वजह रही कि फाइनल करने के बाद इंटर्नशिप कर रहे मयंक को अपनी जान देने पर उतारू होना पड़ा?

पहले प्रबंधन व जेआर, फिर आई मीडिया

मयंक ने अपनी हाथ की नस और गर्दन पर चाकू से घाव करने के काफी देर बाद अपने साथियों को सूचना दी। जब उसके कमरे का गेट खोला, तब तक उसका काफी अधिक खून बह चुका था। जिसे देखकर मेडिकल स्टूडेंट उखड़ गए, और प्रबंधन पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। इसमें वो स्टूडेंट्स भी शामिल हो गए, जो फैल हो गए थे। बताते हैं कि जब जख्मी मयंक को शिफ्ट किया जा रहा था, तभी मीडिया कवरेज के दौरान कुछ ऐसी बातें हुईं, जिससे यह पूरा मामला प्रबंधन की बजाए जूनियर डॉक्टर वर्सेस मीडिया हो गया। उसके बाद जब कुछ सीनियर डॉक्टरों ने हवा दी, तो फिर यह और भी तूल पकड़ गया। यह मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है, इसकी चिंगारी सुलग रही है।

खुद की नसें काटने वाले मेडिकल स्टूडेंट मयंक का चल रहा दिल्ली में इलाज, पीआरओ को दिखाया बाहर का रास्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page