
SD न्यूज की खबर का असर: दो पत्थर खदानों की लीज कर दी निरस्त, शेष दो खदानों की भी हो रही जांच
माइनिंग विभाग ने जहां दी थी लीज, वहां से काफी दूर राजस्व की जमीन पर किया जा रहा था उत्खनन, रेंजर ने की थी शिकायत
शिवपुरी। जिले के सतनबाड़ा क्षेत्र में बम्होरी, डोंगरी में पत्थर खदानों की दो लीज माइनिंग विभाग ने निरस्त कर दी। अवैध उत्खनन की इस खबर को SD न्यूज ने प्रमुखता से दिखाया था, जिस पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि सतनबाड़ा क्षेत्र में राजस्व की जमीन पर दी गई माइनिंग विभाग से खदानों की लीज लेने वाले खनन माफिया ने एक से दो किमी दूर दूसरी जगह जमीन को खोदकर सैकड़ों फीट गहराई व चौड़ाई में खुदाई करके कई मीट्रिक टन पत्थर निकाला जा रहा था। खनन माफिया के इस अवैध उत्खनन की फोटो-वीडियो सहित जानकारी के पत्र माइनिंग विभाग को दिए थे। फॉरेस्ट रेंजर माधव सिंह सिकरवार इस संबंध में लगभग एक दर्जन पत्र माइनिंग को लिख चुके थे, लेकिन विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा था।
इस मामले को जब SD न्यूज ने उजागर किया और माइनिंग इंस्पेक्टर से जब पूछा तो उन्होंने गेंद कलेक्टर के पाले में डाल दी थी। जब बात प्रशासनिक मुखिया पर आई, तो फिर अवैध उत्खनन की जांच होना ही थी। एक सप्ताह पूर्व जब एसडीएम, माइनिंग और पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर देखा, तो रेंजर सिकरवार द्वारा की गई शिकायत सच साबित हुई। सैकड़ों फीट गहराई व चौड़ाई में खुदाई करके सैकड़ों मीट्रिक टन पत्थर निकाला जाकर गहरी व चौड़ी खाईयां बना दी गईं थी।
माइनिंग इंस्पेक्टर सोनू श्रीवास ने बताया कि जांच उपरांत बम्होरी में मौजूद नरेश गुर्जर की एवं धन्नोकट के प्रोपराइटर अशोक उपाध्याय की खदानें निरस्त कर दी। श्रीवास से जब पूछा कि उनके द्वारा अवैध उत्खनन से खोदी गई राजस्व की जमीन के गड्ढों। को करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?। इस पर उन्होंने कहा कि अभी प्रारंभिक कार्यवाही खदान निरती की की है, आगे जुर्माना भी किया जायेगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबे समय से अवैध उत्खनन होता रहा, लेकिन विभाग चुप्पी साधे रहा।







