
चुनाव में केपी का जो बैनर चौराहे पर लगाया, क्या शहर में नहीं बन गए वैसे हालात..?
कुशवाह समाज के लोगों ने आज एसपी ऑफिस में सौंपा ज्ञापन, पहले पुलिस ने और फिर घायलों को अस्पताल प्रबंधन ने भगाया
शिवपुरी। विधानसभा चुनाव में टिकिट घोषित होते ही एक बैनर माधव चौक चौराहे पर तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र जैन ने लटकाया था। जिसमें लिखा था कि शहर की शांत फिजा में आतंक फैल जाएगा। वर्तमान में जो हालात शिवपुरी शहर में बन रहे हैं, वो क्या रामराज्य के हैं?। दिनदहाड़े जिन लोगों ने पोहरी ब्रोड स्थित पुलिस पेट्रोल पंप के सामने कुशवाह समाज के लोगों को घर में घुसकर जब पीटा, तो उन्होंने भी पलटबार में दिया। दोनों पक्ष के।लोग घायल हैंj, जिनमें से एक पीड़ित, जिसके सिर में 10 टांके आए हैं, उसे जिला अस्पताल से भगा दिया।
मंगलवार की दोपहर 2 बजे पुलिस पेट्रोल पंप पलके सामने प्लॉट को लेकर जो संघर्ष हुआ,था। जिसमें संतोष शर्मा द्वारा भेजे गए लोग शामिल रहे, जो कुशवाह के घर पर आए थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन के पुत्र सक्षम जैन के वो सभी लोग मित्र हैं, तथा कल जब अस्पताल में घायल होकर लोग पहुंचे तो वहां पर विधायक के निजी पीए नितिन नामदेव भी व्यवस्था करवाते हुए वीडियो में नजर आए। साथ ही कुछ दिन पूर्व हुई विधायक पुत्र की सगाई के वीडियो में भी वो लोग नजर आ रहे हैं, जो कल के हमले में शामिल रहे।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उक्त लोग शहर में इसी तरह विवादित जमीनों को दादागिरी से छीनने का काम करते हैं, और अभी तक कई गरीब लोगों के प्लॉट पर कब्जा कर चुके हैं। इस मामले में जब मंगलवार की सुबह से कुशवाह के घर के सामने लड़कों का जमावड़ा हो रहा था, तो कुशवाह समाज में लोग कोतवाली में शिकायत करने गए,।लेकिन पुलिस ने इसे जमीन का निजी मामला बताते हुए वहां से चलता के दिया था। उसके बाद उक्त युवकों ने हमला कर दिया। इस संघर्ष में घायल हुए दोनों पक्षों के लोग ग्वालियर रेफर होकर इलाज करवा रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का दुखद पहलू यह भी है कि शहर में विकास कार्यों में भले ही शिवपुरी विधायक का नाम नहीं आ रहा हो, लेकिन विवादित जमीनों के मामले में उनका नाम सबसे आगे है। यदि विधायक बनकर यही सब करना था, तो फिर शहर की जनता के लिए केपी सिंह कौन से गलत थे..?

कुशवाह समाज के लोग एसपी ऑफिस में ज्ञापन देने पहुंचे







1 thought on “चुनाव में केपी का जो बैनर चौराहे पर लगाया, क्या शहर में नहीं बन गए वैसे हालात..?”