
क्या नगरपालिका अध्यक्ष का मामला ठंडा हो गया?, हर कोई पूछ रहा यह सवाल,
बोले विरोध दर्ज कराने वाले पार्षद: 7 दिन में प्रशासन ने नहीं दी धरने की परमीशन
शिवपुरी। नगरपालिका अध्यक्ष हटाओ- शहर बचाओ, अभियान का झंडा लेकर दो माह तक घूमे पार्षद भी अब कुछ सुस्त नजर आने लगे। शहर में हर कोई यही सवाल कर रहा है, कि क्या नपाध्यक्ष नहीं हटेंगी। जब इस संबंध में विरोध करने वाले पार्षदों से पूछा, तो उन्होंने बताया कि हमने धरना शुरू करने के लिए बीते 30 सितंबर से परमीशन के।लिए आवेदन दे रखा है, लेकिन अभी तक परमीशन नहीं मिली। साथ ही अभी तक पुलिस अधीक्षक यह पता नहीं कर पाए कि भ्रष्टाचार अधिनियम के दर्ज प्रकरण में नपाध्यक्ष व सीएमओ का नाम बढ़ सकता है या नहीं।
गौरतलब है कि शिवपुरी नपाध्यक्ष को हटाए जाने के लिए पार्षद एकजुट हुए, और करेरा बगीचा सरकार की कसम भी खाई थी। उसके बाद तो अविश्वास का आवेदन देने और फिर उसे वापस लेने के बीच कई बड़े नेता इस खेल में शामिल हुए, और अपनी साख बचाने के बाद पार्षदों को भगवान भरोसे छोड़ दिया। उधर विरोध जता रहे पार्षदों को जब वरिष्ठ नेताओं की तरफ से निराशा मिली, तो उन्होंने जनता के साथ इस लड़ाई को लड़ने के लिए धरना देने के लिए बीते 30 सितंबर को परमीशन के लिए आवेदन पुलिस से लेकर प्रशासन तक को दिया, लेकिन अभी तक पार्षदों को परमीशन नहीं मिली।
इस सम्बन्ध में जब हमने पार्षद विजय बिंदास, राजू गुर्जर व उपाध्यक्ष पति रामजी व्यास ने बताया कि हमने पुलिस से लेकर प्रशासन से धरना देने की परमीशन के लिए आवेदन 30 सितंबर को दिया था, लेकिन अभी तक हमें परमीशन नहीं मिल पाई है। उक्त पार्षदों का कहना है कि हम एक-दो दिन और देख रहे हैं, फिर अपना अगला कदम उठाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हम शहर हित की लड़ाई को ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे।
भ्रष्टाचार अधिनियम में नहीं बढ़े नाम
पिछले मंगलवार को पार्षदों ने पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उल्लेख किया गया कि भ्रष्टाचार अधिनियम के दर्ज हुए प्रकरण में नपाध्यक्ष, सीएमओ और ईई का नाम बढ़ाया जाए। यह मांग पार्षद इसलिए भी ले रहे हैं, क्योंकि जमानत याचिका खारिज करने वाले शिवपुरी मजिस्ट्रेट और हाईकोर्ट जज ने उक्त नामों का उल्लेख करते हुए भुगतान की कड़ी में शामिल किया है। उस दौरान एसपी ने यह भरोसा दिलाया कि नगरपालिका अधिनियम में देखने के बाद अग्रिम कार्यवाही करेंगे। उस आश्वासन को भी 7 दिन गुजर गए।








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