February 4, 2026
क्या नगरपालिका अध्यक्ष का मामला ठंडा हो गया?, हर कोई पूछ रहा यह सवाल,

फिर निकला नपाध्यक्ष हटाओ-शहर बचाओ का जिन्न, एसपी ऑफिस जाकर पार्षदों ने दिया ज्ञापन
मांग: जीरा-डस्ट घोटाले में दर्ज भ्रष्टाचार अधिनियम प्रकरण में नपाध्यक्ष, सीएमओ व ईई के जोड़े जाए नाम

शिवपुरी। नपाध्यक्ष हटाओ – शहर बचाओ अभियान का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया। मंगलवार को पार्षदों ने एसपी पहुंचकर भ्रष्टाचार अधिनियम के दर्ज प्रकरण में नपाध्यक्ष, सीएमओ एवं ईई का नाम जोड़ने की मांग पुलिस अधीक्षक से की। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने भरोसा दिलाया कि नगरपालिका अधिनियम में यदि प्रावधान होगा, तो उनके नाम जरूर बढ़ाए जाएंगे।
ज्ञात रहे कि शहर की सड़कों के गड्ढे भरने के लिए जीरा-डस्ट का जो काम किए बिना भुगतान लिया गया। उस मामले में दो इंजीनियरों को जमानत मिल गई, जबकि आरोपी ठेकेदार अर्पित शर्मा की शिवपुरी एवं हाईकोर्ट ग्वालियर से निरस्त हुई जमानत याचिका में मजिस्ट्रेट एवं हाईकोर्ट जज ने यह उल्लेख किया है कि उक्त फर्जी भुगतान में नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा, सीएमओ इशांक धाकड़ एवं ईई मनोहर बागड़ी की भी संलिप्तता रही है। उसी आधार पर आज पार्षदों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर उक्त तीनों के नाम भी भ्रष्टाचार के इस प्रकरण में जोड़ने के लिए आवेदन दिया है।
इसके अलावा रोड रेस्टोरेशन की साढ़े 4 करोड़ की फाइल के मामले में भी पार्षद तथ्य इकठ्ठा कर रहे हैं। शहर में सड़कों को सुधारने के लिए इतनी बड़ी राशि का भुगतान भी ठेकेदार अर्पित शर्मा की फर्म को किया गया, जबकि शहर की सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। यह साढ़े 4 करोड़ का घोटाला एडीएम की जांच में सामने आया है, जिसकी फाइल भी गायब कर दी गई है।
नपाध्यक्ष का मुद्दा जो लगभग ठंडे बस्ते में चला गया था, वो एक बार फिर गरमा गया है। इस बार तो पार्षद एफआईआर में नाम जुड़वाने तथा साढ़े 4 करोड़ का रोड रेस्टोरेशन घोटाले का अलग से प्रकरण दर्ज कराने की कवायद में जुट गए हैं।

फिर निकला नपाध्यक्ष हटाओ-शहर बचाओ का जिन्न, एसपी ऑफिस जाकर पार्षदों ने दिया ज्ञापन

एसपी ऑफिस पर खड़े पार्षद

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