
10 लाख में दी थी वकील संजय सक्सेना की सुपारी, 2 लाख एडवांस लेकर की वारदात
18 घंटे में पुलिस ने किया वकील के अंधे कत्ल का पर्दाफाश, परिजनों ने ही बता दिए थे संदेही
शिवपुरी। जिले के करेरा नगर में शनिवार की सुबह उस समय दशहत फैल गई थी, जब अपने घर से न्यायालय जा रहे सीनियर एडवोकेट संजय सक्सेना की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। SD न्यूज ने जब घटना की ग्राउंड जीरों पर जाकर रिपोर्टिंग की, तो वारदात वाली जगह जंगलात में होने की वजह से बदमाशों को कोई परेशानी न होने की बात सामने आई थी। इस दौरान पीएम हाउस पर मिले मृतक वकील के भाई अनिल सक्सेना ने SD न्यूज से बातचीत में यह खुलासा कर दिया था कि हत्या की यह वारदात सुपारी देकर करवाई गई। साथ हों उन्होंने जिस कमलेश शर्मा और सुनील शर्मा का नाम लिया था, वो इस हत्याकांड के सूत्रधार निकले। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब मृतक और उसके परिजनों को यह पता था कि किसी भी दिन एडवोकेट संजय सक्सेना की हत्या हो सकती है, तो फिर करेरा थाने के टीआई ने इसे गम्भीरता से क्यों नहीं लिया?। क्या वो जमीन के सिर्फ उन मामलों में प्रकरण दर्ज करने में दिलचस्पी रखते हैं, जिसमें माल मिलने की संभावना नजर आती है। हालांकि इस हत्याकांड को 24 घंटे में सुलझाने का दावा शनिवार को ही एसपी अमन सिंह राठौड़ ने किया था, और उसने से भी 6 घंटे पहले यानि 18 घंटे में राजफाश करके आरोपी भी दबोच लिए।
पुलिस कंट्रोल रूम में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि वकील संजय सक्सेना एक जमीन का केस लड़ रहे थे, जबकि कमलेश शर्मा और सुनील शर्मा नहीं चाहते थे कि संजय उस केस को लड़ें। इसी बात पर उनके बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। जब संजय सक्सेना ने केस में कोई समझौता नहीं किया, तो फिर शर्मा बंधुओं ने उनकी हत्या की सुपारी 10 लाख रुपए में दे दी थी। भाड़े पर हत्यारों को लाने की व्यवस्था सचिन रावत ने की थी, तथा एडवांस 2 लाख रुपए लेकर डबरा के पतेंद्र सिंह रावत एवं बड़ौनी दतिया के जहीर खान और गोलू उर्फ राजकुमार रावत को, हत्या की सुपारी दी।
एक दिन रेकी करके दिया वारदात को अंजाम
वकील की हत्या की सुपारी लेने वाले हत्यारों ने एक दिन पहले रेकी की, और फिर शनिवार की सुबह बाइक से जा रहे वकील संजय सक्सेना को रोककर छाती में कट्टे से एक ही फायर करके मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद बदमाश वहां से भाग निकले, लेकिन पुलिस की साइबर टीम ने उनका लगातार पीछा करके अलसुबह चिरली तिराहे पर शॉर्ट एंकाउंटर में उन्हें दबोच लिया।






